Haryana Roadways: हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों के लिए बड़ा आदेश, छुट्टी लेने के नियमों में बदलाव

Haryana Roadways: हरियाणा रोडवेज में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए छुट्टियों को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। परिवहन निदेशालय ने नई व्यवस्था लागू करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब बिना सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के ...

Sunil Beniwal

Haryana Roadways: हरियाणा रोडवेज में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए छुट्टियों को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। परिवहन निदेशालय ने नई व्यवस्था लागू करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब बिना सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के कोई भी कर्मचारी आकस्मिक अवकाश (CL) या किसी अन्य प्रकार की छुट्टी पर नहीं जा सकेगा। यदि कोई कर्मचारी बिना स्वीकृति के ड्यूटी से अनुपस्थित पाया जाता है, तो इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा और उसके खिलाफ विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। नए आदेश का उद्देश्य रोडवेज सेवाओं को प्रभावित होने से बचाना और कर्मचारियों की अनधिकृत अनुपस्थिति पर रोक लगाना है।

छुट्टी से पहले लिखित अनुमति लेना अब होगा अनिवार्य

परिवहन विभाग के नए निर्देशों के अनुसार किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को छुट्टी पर जाने से पहले संबंधित सक्षम अधिकारी से लिखित अनुमति लेनी होगी। बिना स्वीकृति ड्यूटी छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। विभाग का कहना है कि इससे कार्यालयों और रोडवेज डिपो में कर्मचारियों की उपलब्धता बनी रहेगी और बस संचालन पर अनावश्यक असर नहीं पड़ेगा। साथ ही यात्रियों को भी बेहतर और नियमित सेवाएं मिल सकेंगी।

आपात स्थिति में फोन या WhatsApp पर देनी होगी सूचना

यदि किसी कर्मचारी के सामने अचानक ऐसी स्थिति आ जाती है, जिसमें पहले से छुट्टी की अनुमति लेना संभव नहीं हो, तो उसके लिए अलग व्यवस्था की गई है। ग्रुप ‘ए’ और ग्रुप ‘बी’ के अधिकारियों को उसी दिन निदेशक को फोन या WhatsApp के माध्यम से अपनी अनुपस्थिति की जानकारी देनी होगी। वहीं ग्रुप ‘सी’ और ग्रुप ‘डी’ के कर्मचारियों को संबंधित JDST को फोन या WhatsApp के जरिए सूचना देनी होगी। सूचना देते समय अनुपस्थिति का कारण स्पष्ट रूप से बताना भी अनिवार्य होगा।

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केवल WhatsApp मैसेज भेजने से नहीं मिलेगी छुट्टी

विभाग ने साफ किया है कि केवल फोन कॉल या WhatsApp पर सूचना देना छुट्टी की अंतिम स्वीकृति नहीं माना जाएगा। कर्मचारी को ड्यूटी पर वापस आने के बाद नियमानुसार निर्धारित प्रपत्र में अवकाश आवेदन जमा कर छुट्टी का औपचारिक अनुमोदन कराना होगा। विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि केवल निर्धारित फॉर्म में दिए गए आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे। अन्य किसी प्रारूप में दिए गए आवेदन मान्य नहीं होंगे।

ड्राइवर और कंडक्टर के लिए भी जारी हुए विशेष निर्देश

राज्य मुख्यालय के निर्देशों के बाद यमुनानगर रोडवेज डिपो के महाप्रबंधक और ड्यूटी इंस्पेक्टर को भी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि कोई भी ड्राइवर या कंडक्टर बिना पूर्व स्वीकृत आकस्मिक अवकाश के ड्यूटी से अनुपस्थित नहीं रहेगा। यदि कोई कर्मचारी नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ चार्जशीट जारी की जाएगी। इससे विभाग में अनुशासन बनाए रखने और बस सेवाओं को नियमित रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

आखिर क्यों उठाने पड़े ये सख्त कदम?

विभागीय सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ समय से कई डिपो में कर्मचारी बिना पूर्व सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित हो रहे थे। इसका सीधा असर बसों के संचालन पर पड़ रहा था। कई रूटों का समय बदलना पड़ता था और यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता था। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए परिवहन मंत्री अनिल विज और परिवहन निदेशालय ने अवकाश व्यवस्था को और सख्त बनाने का फैसला लिया है, ताकि रोडवेज की सेवाएं बिना किसी बाधा के जारी रह सकें।

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कर्मचारियों को क्या करना चाहिए?

अगर आप हरियाणा रोडवेज में कार्यरत हैं, तो छुट्टी लेने से पहले विभाग के नए नियमों को अच्छी तरह समझ लें। किसी भी प्रकार की आकस्मिक स्थिति में संबंधित अधिकारी को तुरंत सूचना दें और ड्यूटी पर लौटने के बाद निर्धारित प्रक्रिया पूरी करना न भूलें। इससे अनुशासनात्मक कार्रवाई से बचा जा सकेगा और विभागीय रिकॉर्ड भी सही बना रहेगा।

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