IMD Haryana Weather: हरियाणा में मानसून की विदाई से पहले मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में 15 से 17 सितंबर तक मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहेंगी। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तरी-पूर्वी हवाओं के सक्रिय होने से प्रदेश में अगले तीन दिनों तक मौसम बदला हुआ रहेगा।
आज 8 जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने 15 सितंबर के लिए यमुनानगर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, नूंह, पलवल, झज्जर और चरखी दादरी में येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
17 सितंबर तक ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार 15 सितंबर को दक्षिण-पूर्वी और उत्तरी हरियाणा के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।
16 सितंबर को बारिश का दायरा बढ़ते हुए सिरसा, हिसार, जींद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला और पंचकूला तक पहुंच सकता है।
17 सितंबर को पश्चिमी और मध्य हरियाणा के कई इलाकों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 18 सितंबर से मौसम में सुधार शुरू होगा और केवल कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है।
दिन का तापमान 36°C तक पहुंचा
सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में गर्मी का असर बना रहा। भिवानी सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 36.0°C दर्ज किया गया।
अन्य प्रमुख तापमान इस प्रकार रहे—
- भिवानी – 36.0°C
- हिसार – 35.4°C
- सिरसा – 35.4°C
- गुरुग्राम – 35.0°C
- पानीपत – 35.0°C
- रोहतक – 35.0°C
- अंबाला – 34.0°C
- फरीदाबाद – 34.1°C
- चंडीगढ़ – 33.8°C
रात के तापमान में आई गिरावट
पिछले 24 घंटों में प्रदेश के औसत न्यूनतम तापमान में 1.1°C की गिरावट दर्ज की गई। सबसे कम न्यूनतम तापमान भिवानी और यमुनानगर में 24.0°C रिकॉर्ड किया गया।
अन्य प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान—
- हिसार – 24.4°C
- करनाल – 24.8°C
- नारनौल – 25.0°C
- अंबाला – 25.4°C
- रोहतक – 25.8°C
- पलवल – 26.4°C
किसानों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जिन क्षेत्रों में बारिश की संभावना है, वहां किसान फिलहाल सिंचाई और रासायनिक कीटनाशकों के छिड़काव से बचें। जिन खेतों में पानी जमा होने की आशंका हो, वहां जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें ताकि फसलों को नुकसान न हो।








