Haryana Employee Strike: हरियाणा में सफाई कर्मचारियों और दमकल कर्मियों की हड़ताल फिलहाल खत्म होती नहीं दिख रही है। सरकार की ओर से 5 सितंबर तक ड्यूटी पर लौटने की समय-सीमा समाप्त हो चुकी है, लेकिन अधिकांश कर्मचारी अब भी आंदोलन पर डटे हुए हैं। हालांकि कैथल में कुछ कर्मचारियों ने काम पर वापसी जरूर की है, लेकिन प्रदेश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन लगातार जारी हैं। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बढ़ते गतिरोध का असर अब शहरों की सफाई व्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं पर भी दिखाई देने लगा है। आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
कैथल में 12 कर्मचारियों ने जॉइन की ड्यूटी
सरकारी निर्देशों के बीच कैथल से राहत भरी खबर सामने आई, जहां शनिवार को कुल 12 कर्मचारियों ने ड्यूटी ज्वाइन कर ली। इनमें नगर परिषद के रोल पर कार्यरत एक कर्मचारी ने जिला नगर आयुक्त (DMC) कार्यालय में काम संभाला, जबकि सीवन क्षेत्र में 11 अन्य कर्मचारी भी वापस ड्यूटी पर लौट आए। हालांकि प्रदेश के अधिकांश जिलों में हड़ताल पहले की तरह जारी है।
फरीदाबाद और पानीपत में विरोध प्रदर्शन तेज
फरीदाबाद में शनिवार को बारिश के बीच कर्मचारियों ने कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के सेक्टर-16 स्थित कार्यालय के बाहर झाड़ू लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान यूनियन नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं पानीपत में कर्मचारियों ने 6 सितंबर को मंत्री कृष्ण लाल पंवार के आवास के बाहर भी विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी की है।
हिसार में तोड़फोड़ और मारपीट का मामला दर्ज
हिसार में हड़ताल के दौरान कूड़ा उठाने वाले वाहनों को नुकसान पहुंचाने और चालक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार दो वाहनों के शीशे तोड़े गए, पांच वाहनों के टायर पंचर किए गए और चालक के साथ कथित रूप से मारपीट की गई। घायल चालक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
13 सितंबर को राज्यस्तरीय जन न्याय पंचायत
कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके तहत 10 से 12 सितंबर तक विभिन्न जिलों में जन न्याय पंचायतें आयोजित की जाएंगी। इसके बाद 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में राज्यस्तरीय जन न्याय पंचायत करने की तैयारी है। कर्मचारी संगठन इसमें सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक, श्रमिक और अन्य संगठनों को भी जोड़ने की योजना बना रहे हैं।
इन मांगों पर अड़े हैं कर्मचारी
हड़ताली कर्मचारी नियमितीकरण, ठेका प्रथा समाप्त करने और पहले हुए समझौते को लिखित आदेश के साथ लागू करने की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि अधिकांश मांगों पर पहले ही निर्णय लिया जा चुका है, लेकिन कुछ मुद्दों पर कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होना बाकी है। इसी कारण दोनों पक्षों के बीच फिलहाल सहमति नहीं बन पाई है।
कार्रवाई को लेकर कर्मचारी संगठनों का दावा
कर्मचारी संगठनों का दावा है कि आंदोलन के दौरान 500 से अधिक कर्मचारियों पर विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं और 34 दमकल कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। संगठनों ने महिला सफाई कर्मचारियों के साथ पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।








