Haryana Fire Department Strike: हरियाणा सरकार ने अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं में चल रही हड़ताल के बीच बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। ड्यूटी पर वापस नहीं लौटने वाले 24 कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। इनमें अनुबंध पर कार्यरत कर्मचारी और हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के कर्मचारी दोनों शामिल हैं। सरकार की इस कार्रवाई को हड़ताल के खिलाफ सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। विभाग का कहना है कि पहले कर्मचारियों को काम पर लौटने का मौका दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय तक ड्यूटी जॉइन नहीं करने पर यह फैसला लिया गया।
ड्यूटी पर लौटने के लिए दिया गया था अंतिम मौका
हरियाणा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं निदेशालय ने हड़ताली कर्मचारियों को शुक्रवार सुबह 9 बजे तक ड्यूटी पर लौटने की अंतिम चेतावनी दी थी। विभाग के अनुसार, तय समय सीमा समाप्त होने के बाद भी कर्मचारी वापस नहीं लौटे। इसके बाद पूरा मामला मुख्यमंत्री कार्यालय के संज्ञान में लाया गया और कार्रवाई की अनुमति मिलने के बाद बर्खास्तगी के आदेश जारी कर दिए गए।

कितने कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई?
सरकार की मंजूरी मिलने के बाद कुल 24 कर्मचारियों को सेवा से हटाया गया। इनमें 14 अनुबंधित (पालिका रोल) कर्मचारी और 10 हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के कर्मचारी शामिल हैं। विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई सेवा नियमों के तहत की गई है।
किन जिलों के कर्मचारी हुए बर्खास्त?
कार्रवाई की जद में हरियाणा के कई जिलों के कर्मचारी आए हैं। इनमें बहादुरगढ़, नरवाना, धारूहेड़ा, बावल, सिरसा, हिसार, पानीपत, रोहतक, कुरुक्षेत्र, करनाल, जगाधरी और फरीदाबाद के कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा गुरुग्राम, यमुनानगर, पिहोवा, हांसी, करनाल और कैथल से जुड़े कुछ कर्मचारी नेताओं पर भी कार्रवाई की गई है। इससे साफ है कि सरकार ने अलग-अलग जिलों में हड़ताल से जुड़े कर्मचारियों पर समान रूप से सख्ती दिखाई है।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी विभाग ने हड़ताल के दौरान 10 कर्मचारी नेताओं को बर्खास्त किया था। साथ ही 14 नियमित कर्मचारियों को निलंबित (सस्पेंड) भी किया गया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि सरकार हड़ताल के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाए हुए है।
आगे क्या हो सकता है?
सरकार और कर्मचारियों के बीच बातचीत की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है। यदि विवाद जल्द नहीं सुलझता है, तो आगे और प्रशासनिक कदम उठाए जा सकते हैं। वहीं कर्मचारी संगठनों की अगली रणनीति भी अहम होगी। फिलहाल विभाग का फोकस अग्निशमन सेवाओं को बिना बाधा जारी रखने पर है।








