Haryana Weather Report: पिछले कुछ दिनों से हरियाणा के कई जिलों में हुई तेज बारिश के बाद अब मौसम एक नया मोड़ लेने जा रहा है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और यमुनानगर जैसे जिलों में हुई झमाझम बारिश और जलभराव के बाद मानसून की रफ्तार अब धीमी पड़ने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 4 से 5 दिनों तक प्रदेश में व्यापक बारिश की संभावना कम रहेगी। हालांकि कुछ जिलों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी का दौर जारी रह सकता है, लेकिन पिछले दिनों जैसी तेज बारिश फिलहाल देखने को नहीं मिलेगी।
क्यों कमजोर पड़ रहा है मानसून?
चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, मानसून ट्रफ अब धीरे-धीरे हिमालय की तलहटी की ओर खिसक रही है। यही वजह है कि हरियाणा में मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने लगी हैं। हालांकि उत्तरी हरियाणा के ऊपर अभी भी एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है, लेकिन इसका प्रभाव सीमित रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की तीव्रता कम रहेगी।
आज किन जिलों में हो सकती है बारिश?
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर और दक्षिण-पूर्वी हरियाणा के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। यमुनानगर, अंबाला, पंचकूला, गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल में गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। वहीं हिसार, सिरसा, फतेहाबाद और भिवानी समेत पश्चिमी और मध्य हरियाणा के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क और परिवर्तनशील बना रहेगा।
गुरुग्राम में बारिश के बाद बिगड़े हालात
लगातार दो दिनों तक रुक-रुक कर हुई बारिश ने गुरुग्राम में जनजीवन प्रभावित किया। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही और दिल्ली-जयपुर हाईवे के पास इफको चौक की सर्विस लेन भी धंस गई।
स्कूल बसों के जलभराव में फंसने की तस्वीरें सामने आने के बाद प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अब ट्रैफिक पुलिस स्कूल बसों के लिए रियल-टाइम रूट अपडेट उपलब्ध कराएगी। साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों में जल निकासी को प्राथमिकता दी जाएगी और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त रोडवेज बसें भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
किसानों के लिए मौसम विभाग की अहम सलाह
मानसून कमजोर होने के बावजूद मौसम विभाग ने किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। अगले तीन से चार दिनों तक फसलों में सिंचाई और रासायनिक कीटनाशकों के छिड़काव से बचने की सलाह दी गई है। हवा में अधिक नमी और उमस के कारण कपास में सफेद मक्खी और चेपा, जबकि धान में जड़ सुंडी जैसे कीटों का खतरा बढ़ सकता है। किसानों को खेतों का नियमित निरीक्षण करने और आवश्यकता पड़ने पर कृषि विशेषज्ञों की सलाह लेने की सलाह दी गई है।
पशुपालकों को भी बरतनी होगी सावधानी
उमस भरे मौसम का असर केवल फसलों पर ही नहीं बल्कि पशुओं पर भी पड़ सकता है। मौसम विभाग ने पशुपालकों को पोल्ट्री और पशु शेड में पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार नमी और गर्मी के कारण पशुओं में घुटन और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए साफ-सफाई और हवा के उचित प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
अगले 5 दिनों का मौसम एक नजर में
| क्षेत्र | मौसम का पूर्वानुमान |
|---|---|
| गुरुग्राम | हल्की बारिश/बूंदाबांदी संभव |
| फरीदाबाद | गरज-चमक के साथ हल्की बारिश |
| पलवल | कहीं-कहीं बारिश के आसार |
| यमुनानगर | हल्की से मध्यम बारिश संभव |
| अंबाला | छिटपुट बारिश |
| पंचकूला | हल्की बारिश की संभावना |
| हिसार | मौसम शुष्क |
| सिरसा | बारिश की संभावना कम |
| फतेहाबाद | मौसम परिवर्तनशील |
| भिवानी | शुष्क मौसम |






