हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल तेज, सैनी सरकार पर बढ़ा दबाव

चंडीगढ़ – हरियाणा में दमकल और सफाई कर्मचारियों की हड़ताल अब सिर्फ कर्मचारियों का आंदोलन नहीं रही, बल्कि आम लोगों की बड़ी परेशानी बनती जा रही है। एक तरफ शहरों में कूड़े के ढेर बढ़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ ...

Sunil Beniwal

चंडीगढ़ – हरियाणा में दमकल और सफाई कर्मचारियों की हड़ताल अब सिर्फ कर्मचारियों का आंदोलन नहीं रही, बल्कि आम लोगों की बड़ी परेशानी बनती जा रही है। एक तरफ शहरों में कूड़े के ढेर बढ़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ आगजनी की घटनाओं में फायर सर्विस की कमी चिंता बढ़ा रही है।

अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल को 30 दिन पूरे हो चुके हैं और अब इसे 11 मई तक बढ़ाने का ऐलान कर दिया गया है। ऐसे में सरकार पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

कितने कर्मचारी हड़ताल में शामिल?

यूनियन नेताओं के अनुसार Haryana Fire Department के 2142 कर्मचारियों में से करीब 1710 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। वहीं सफाई व्यवस्था से जुड़े लगभग 35 हजार कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा ग्रुप C और D के करीब 2 हजार कर्मचारी भी हड़ताल का हिस्सा हैं। इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों के काम बंद करने का असर अब शहरों की सफाई और आपात सेवाओं पर साफ दिखाई देने लगा है।

Latest Stories
Haryana Census 2027: हरियाणा में जनगणना की तैयारी तेज, इस तारीख से घर-घर जाकर होगा जनगणना का काम

क्या हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें?

दमकल कर्मचारियों की यूनियन का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। यूनियन नेताओं राजेंद्र सिंद और गुलशन भारद्वाज के मुताबिक, फरीदाबाद अग्निकांड में जान गंवाने वाले कर्मचारियों को “बलिदानी” का दर्जा देने, उनके परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग प्रमुख है। इसके अलावा वेतन बढ़ोतरी, ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी में राहत और पे-रोल व कौशल निगम कर्मचारियों को नियमित पदों पर समायोजित करने जैसी मांगें भी शामिल हैं। कर्मचारियों का दावा है कि पिछले सात वर्षों से वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।

खराब पड़ी फायर गाड़ियां भी बनी चिंता

हड़ताल के बीच एक और गंभीर मुद्दा सामने आया है। यूनियन के मुताबिक कुशल ड्राइवरों की कमी के कारण करीब 70 फायर गाड़ियां खराब हालत में स्टेशनों पर खड़ी हैं। ऐसे में अगर बड़े स्तर पर आगजनी की घटनाएं होती हैं, तो हालात और मुश्किल हो सकते हैं। यही वजह है कि आम लोगों की चिंता अब सिर्फ सफाई तक सीमित नहीं रही, बल्कि सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

विपक्ष ने भी दिया आंदोलन को समर्थन

Indian National Lok Dal के नेता Abhay Singh Chautala और हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री Dushyant Chautala ने कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया है। उन्होंने राज्य सरकार से जल्द समाधान निकालने और कर्मचारियों की “वाजिब मांगें” मानने की अपील की है। विपक्ष का कहना है कि हड़ताल की वजह से पूरे प्रदेश की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है और आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

Latest Stories
NHM Haryana Transfer: संविदा कर्मचारियों के लिए सरकार का बड़ा ऐलान, अब सिर्फ एक बार बदल सकेंगे जिला

About the Author
Sunil Beniwal is a Hindi content writer with 9 years of experience in creating accurate, engaging and reader-focused content. He specializes in Haryana news, automobile updates, and technology news, delivering well-researched articles that keep readers informed with the latest developments in a simple and reliable manner.

Leave a Comment