अगले 4 दिन तक इन राज्यों में जमकर बरसेगा पानी, इन राज्यों में जारी हुआ अलर्ट IMD Weather Forecast

By Sunil Beniwal

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IMD Weather Forecast: देशभर में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का सिलसिला पूरी तरह नहीं थमा है। कई राज्यों में अचानक से बदलते मौसम ने लोगों को एक बार फिर से सतर्क कर दिया है। मौसम विभाग की ताजा चेतावनी के अनुसार, अगले चार दिनों तक देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवाएं और कहीं-कहीं बर्फबारी भी हो सकती है। इससे पहले मानसून ने इस साल उम्मीद से ज्यादा सक्रियता दिखाई और अब उसका असर लंबे समय तक जारी रह सकता है।

4 दिन की भारी बारिश का पूर्वानुमान

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 से 8 फरवरी 2026 तक के लिए देश के दक्षिणी, उत्तर-पूर्वी और पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश और खराब मौसम का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी से अति भारी वर्षा (Heavy to Very Heavy Rainfall) और तेज हवाओं की संभावना है। विभाग ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे मौसम से जुड़ी जानकारी पर नज़र रखें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

बर्फबारी और भारी वर्षा की दोहरी मार

हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों जैसे लाहौल-स्पीति, किन्नौर और शिमला में ताजा बर्फबारी के आसार हैं। वहीं, मध्य व निचले इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ठंड में अचानक इजाफा हुआ है और तापमान में 4 से 6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को पहाड़ी मार्गों पर सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

अरुणाचल प्रदेश में गरज के साथ तेज बारिश

पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में भी अगले कुछ दिन मौसम का मिजाज खराब बना रहेगा। बादल गरजने, तेज बारिश और तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की गई है। कुछ क्षेत्रों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

दक्षिण भारत के राज्यों पर फिर छाए बादल

IMD के अनुसार, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, रायलसीमा, पुडुचेरी, माहे और कराईकल में अगले चार दिन मूसलाधार बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में नमी और गर्मी के बीच असामान्य मौसम लोगों को परेशान कर सकता है। मछुआरों को समुद्र में जाने से रोका गया है क्योंकि समुद्री लहरें तेज हो सकती हैं।

अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में भारी बारिश की संभावना

द्वीपीय क्षेत्रों अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में भी भारी वर्षा का अनुमान है। IMD के मुताबिक, इन क्षेत्रों में कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है जो तेज बारिश और समुद्री तूफान की स्थिति पैदा कर सकता है। प्रशासन ने सभी स्थानीय एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।

उत्तराखंड और मध्य भारत में भी बारिश की चेतावनी

उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों जैसे पिथौरागढ़, चमोली और रुद्रप्रयाग में भी तेज बारिश और बर्फबारी की संभावना है। वहीं मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के संकेत मिले हैं। इन राज्यों में मौसम में अचानक बदलाव से फसल और यातायात पर असर पड़ सकता है।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: फिर शुरू होगी बर्फबारी

कश्मीर घाटी और लद्दाख में भी एक बार फिर बर्फबारी और शीत लहर का दौर लौटने वाला है। उच्च पर्वतीय इलाकों में बर्फ की मोटी परत जमने की संभावना है, जिससे सड़क परिवहन बाधित हो सकता है। पर्यटकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

जलवायु परिवर्तन का बढ़ता असर?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मानसून की लंबी सक्रियता और अब फरवरी में भी लगातार बारिश होना जलवायु परिवर्तन के संकेत हो सकते हैं। मौसम में इस तरह की अस्थिरता से खेती, परिवहन, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन पर बड़ा असर पड़ सकता है।