Haryana IMD Forecast: हरियाणा में मानसून का समय लगभग समाप्त हो चुका है. इस वर्ष हरियाणा में सामान्य रूप से 424.6 एमएम बारिश (average rainfall) की अपेक्षा की जाती है. लेकिन इस वर्ष केवल 406.4 एमएम बारिश रिकॉर्ड (recorded rainfall) की गई. यह आंकड़ा सामान्य से केवल 4% कम है. बरसात के इस आंकड़े के चलते सुबह और शाम को मौसम में ठंडक का एहसास (cool weather experience) होता है और लोगों को अपने दैनिक कार्यों में कुछ राहत महसूस होती है.
आने वाले दिनों का मौसम
मौसम विभाग (Weather Department) के अनुसार 30 सितम्बर से आगामी छह दिनों तक हरियाणा में मुख्य रूप से धूप (sunny days) खिली रहेगी और किसी भी तरह का मौसमी अलर्ट (weather alert) जारी नहीं किया गया है. इस अवधि में दिन का तापमान बढ़ने की संभावना है. जिससे लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ सकता है. विभाग ने यह भी बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) की विदाई में अभी एक सप्ताह बाकी है.
विविध जिलों में बरसात का प्रभाव
हरियाणा के कई जिलों में इस बार अलग-अलग मात्रा में बारिश हुई है. करनाल, यमुनानगर और पंचकूला जैसे जिलों में सामान्य से कम वर्षा (below average rainfall) देखने को मिली. जबकि नूंह, गुरुग्राम और महेंद्रगढ़ जैसे जिलों में सामान्य से अधिक बरसात (above average rainfall) दर्ज की गई. इस बदलते मौसम का असर कृषि (agricultural impact), जल स्त्रोतों (water sources) और जन-जीवन पर सीधा पड़ता है.
आगे की संभावनाएँ
हरियाणा में मानसून के दौरान जलवायु परिवर्तन (climate variation) के ये पैटर्न न केवल वर्तमान में बल्कि भविष्य में भी इस क्षेत्र की आर्थिक और पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) पर गहरा असर डालेंगे. ऐसे में स्थानीय प्रशासन और सरकार को चाहिए कि वे इस तरह के मौसमी बदलावों के लिए अधिक सजग और तैयार रहें. ताकि किसी भी प्राकृतिक असामान्यता का मुकाबला कर सकें.













