Haryana Weather Forecast: हरियाणा में जारी मानसून के चलते राज्य के 13 जिलों में भारी बारिश हुई है. जिससे सड़कों पर जलभराव (waterlogging) की स्थिति बनी है. पंचकूला, कुरुक्षेत्र और अंबाला जैसे जिले इस प्रभाव से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. इस बारिश ने न केवल दैनिक जीवन को प्रभावित किया है. बल्कि यात्री और वाहन चालक भी इससे काफी परेशान हुए हैं.
मौसम की विषमताएँ और प्रभाव
पंचकूला और कुरुक्षेत्र में सितंबर माह में अब तक की सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है. पंचकूला में 40 एमएम और कुरुक्षेत्र में 47 एमएम बारिश (rainfall) हुई है. जिससे दिन के अधिकतम तापमान में भी गिरावट आई है. इस गिरावट ने तापमान में कम से कम 3.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट लाई है, जो कि इस सीजन के लिए अप्रत्याशित है.
घग्गर नदी में जलस्तर वृद्धि
पंचकूला में हुई भारी बारिश के कारण घग्गर नदी (Ghaggar River) के जलस्तर में वृद्धि हुई है. यह वृद्धि अन्य स्थानीय जल स्रोतों पर भी देखी गई है. जिससे बाढ़ के खतरे बढ़ गए हैं. नदी के आस-पास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने और स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है.
मानसून की सक्रियता में बदलाव
मौसम विज्ञानियों के अनुसार मानसून ट्रफ (monsoon trough) की सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर जाने के कारण राज्य में मौसम में बदलाव आया है. 29 सितंबर तक मौसम मुख्यतः खुश्क रहने की संभावना है. लेकिन उत्तरी जिलों में छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है. इस बदलाव से राज्य में वातावरण में नमी की मात्रा में कमी आने की संभावना है.
आगे क्या? मौसम की संभावनाएं
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (Haryana Agricultural University) के विशेषज्ञों का कहना है कि मानसूनी हवाएं अगले कुछ दिनों में सक्रिय हो सकती हैं. इसके प्रभाव से प्रदेश में तेज हवाएं चलने और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. यह सब मौसम के प्रभावों को और अधिक स्पष्ट करेगा और आने वाले दिनों में मौसमी बदलावों का अधिक सटीक अनुमान लगाने में मदद करेगा.














