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फसलों के साथ ये वाला पेड़ लगाकर कर सकते है मोटी कमाई, कम मेहनत में एक्स्ट्रा कमाई के लिए है बेस्ट

भारतीय ग्रामीण परिदृश्य (Rural Landscape) में युवाओं का Migration एक गंभीर समस्या के रूप में उभरा है।
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भारतीय ग्रामीण परिदृश्य (Rural Landscape) में युवाओं का Migration एक गंभीर समस्या के रूप में उभरा है। बेहतर जीवन स्तर (Living Standard) और रोजगार की तलाश में युवा बड़ी संख्या में शहरों का रुख कर रहे हैं. जहां उन्हें अक्सर कम सैलरी (Low Salary) में नौकरी करनी पड़ती है। लेकिन क्या गांव में रहकर भी अच्छी कमाई की जा सकती है? आइए इस आर्टिकल में ऐसी ही एक खेती की तकनीक पर प्रकाश डालते हैं।

पॉपलर की खेती से कमाई

पॉपलर यानि चिनार (Poplar or Chinar) वृक्ष खेती के क्षेत्र में एक इनोवेशन (Innovation) साबित हो रहा है। इस वृक्ष की खेती से न केवल बंपर मुनाफा (Bumper Profit) हो सकता है, बल्कि यह युवाओं को गांव में ही रोजगार के अवसर प्रदान कर सकता है। पॉपलर वृक्ष आदर्श जलवायु परिस्थितियों (Ideal Climatic Conditions) में सबसे तेजी से बढ़ने वाले पेड़ों में से एक है।

चिनार की लकड़ी का महत्व

चिनार की लकड़ी और छाल का उपयोग विभिन्न उत्पादों (Products) जैसे प्लाईवुड, माचिस, सजावटी सामान, स्पोर्ट्स प्रोडक्ट्स और पेंसिल बनाने में होता है। इसकी बढ़ती मांग के कारण चिनार की खेती एक लाभकारी बिजनेस (Profitable Business) बन चुकी है।

पॉपलर की प्रमुख किस्में

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने पॉपलर की कई किस्मों जैसे एल-51, एल-74, एल-188, एल-247, जी-3, जी-48 आदि को कृषि वानिकी प्रणाली (Agroforestry System) के लिए उपयुक्त पाया है। इन किस्मों का चयन कर खेती में मैक्सिमम उत्पादन (Maximum Production) सुनिश्चित किया जा सकता है।

खेती की विधि और सह-फसल

पॉपलर की खेती के लिए उपजाऊ मिट्टी (Fertile Soil) और अच्छे जल निकास की आवश्यकता होती है। कलमों (Cuttings) का उपयोग कर इन पौधों की रोपाई की जाती है। इस खेती के साथ गेहूं, आलू, गन्ना जैसी दूसरी फसलें (Crops) भी की जा सकती हैं, जिससे कमाई के अतिरिक्त स्रोत (Additional Sources of Income) उपलब्ध होते हैं।

कमाई की संभावनाएं

पॉपलर की खेती से 5 से 7 साल में भारी मुनाफा (Heavy Profit) कमाया जा सकता है। एक एकड़ जमीन पर 225 पेड़ लगाकर 6 से 9 लाख रुपये तक की कमाई की जा सकती है। इस तरह पॉपलर की खेती युवाओं को गांव में ही रहकर समृद्धि की ओर ले जा सकती है।