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Wine Beer: सिंगल मॉल्ट और डबल मॉल्ट शराब के बीच क्या होता है खास अंतर, हर रोज पीने वाले भी नही जानते ये बात

भारत में शराब पीने वालों की संख्या करोड़ों में है जो देश के अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण योगदान देती है। शराब पर लगाए गए करों से हर साल सरकार का खजाना भरता है जिससे विभिन्न विकास कार्यों को अंजाम दिया जाता है।
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भारत में शराब पीने वालों की संख्या करोड़ों में है जो देश के अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण योगदान देती है। शराब पर लगाए गए करों से हर साल सरकार का खजाना भरता है जिससे विभिन्न विकास कार्यों को अंजाम दिया जाता है। लेकिन आज हम शराब के कर के बजाय शराब के विभिन्न प्रकारों खासकर सिंगल मॉल्ट और डबल मॉल्ट शराब पर चर्चा करेंगे।

सिंगल मॉल्ट शराब

सिंगल मॉल्ट शराब जिसे सिंगल मॉल्ट व्हिस्की के रूप में भी जाना जाता है प्रीमियम श्रेणी में आती है। इसकी विशेषता इसके निर्माण प्रक्रिया में निहित है जिसमें एकल अनाज (मुख्यतः जौ) का इस्तेमाल होता है और इसे एक ही डिस्टिलरी में बनाया जाता है। इस प्रकार इसमें किसी भी प्रकार की मिलावट नहीं होती जिसके कारण इसे उच्चतम गुणवत्ता वाली शराब माना जाता है। सिंगल मॉल्ट व्हिस्की का सबसे ज्यादा उत्पादन स्कॉटलैंड में होता है।

डबल मॉल्ट शराब

डबल मॉल्ट शराब का निर्माण दो प्रकार के अनाजों का इस्तेमाल करके और दो अलग-अलग डिस्टलरियों में किया जाता है। इस प्रकार की शराब, सिंगल मॉल्ट की तुलना में कम महंगी होती है। स्वाद के मामले में, डबल मॉल्ट शराब का स्वाद अधिक गहरा और संतृप्त होता है, जो पीने के बाद लंबे समय तक महसूस किया जा सकता है।

शराब की खपत में छत्तीसगढ़ आगे 

भारतीय राज्यों में शराब की खपत के मामले में छत्तीसगढ़ सबसे आगे है, जहां लगभग 35.6% आबादी शराब का सेवन करती है। क्रिसिल सर्वे कंपनी की एक रिपोर्ट के अनुसार, त्रिपुरा और आंध्र प्रदेश क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय समाज में शराब का सेवन एक प्रमुख सामाजिक और आर्थिक गतिविधि है।