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भांग पीने के बाद जोर-जोर से हंसने या रोने क्यों लग जाते है कुछ लोग, जाने इसके पीछे की असली वजह

भारत और विश्व भर में मैरिजुआना या भांग (Cannabis) का उपयोग विवादास्पद रहा है। कुछ देशों में इसे कानूनी मान्यता प्राप्त है,
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भारत और विश्व भर में मैरिजुआना या भांग (Cannabis) का उपयोग विवादास्पद रहा है। कुछ देशों में इसे कानूनी मान्यता प्राप्त है, जबकि अन्य देशों में इसके उपयोग पर कठोर प्रतिबंध हैं। भारत में भांग का इस्तेमाल प्राचीन काल से होता आ रहा है, विशेषकर होली (Holi) के अवसर पर। इस आर्टिकल में हम भांग के प्रभावों और इससे जुड़े कानूनी पहलुओं के बारे में चर्चा करेंगे।

दिमाग पर प्रभाव

भांग का सेवन करने के बाद इसके प्रभाव सीधे दिमाग पर होते हैं। भांग का असर धीरे-धीरे होता है, जिसकी वजह से लोग अनजाने में ही इसे अधिक मात्रा में सेवन कर लेते हैं। इसके प्रभाव में आने के बाद व्यक्ति अत्यधिक खुशी या दुःख का अनुभव कर सकता है।

हंसने-रोने के पीछे का विज्ञान

भांग के सेवन के बाद हंसी या दुःख की प्रतिक्रिया डोपामाइन (Dopamine) हार्मोन के स्तर में उतार-चढ़ाव से जुड़ी होती है। इस हार्मोन का संतुलन हमारे मूड और भावनाओं को नियंत्रित करता है।

स्वास्थ्य पर प्रभाव

भांग का अत्यधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है। इसका नर्वस सिस्टम पर प्रभाव पड़ता है, जिससे व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। अत्यधिक सेवन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं जैसे कि हृदयाघात का जोखिम भी बढ़ सकता है।

कानूनी पहलू

भारत में भांग का इस्तेमाल कानूनी रूप से सीमित है। इसके इस्तेमाल पर सख्त नियम और कानून हैं, जो इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए बनाए गए हैं।