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ड्राइवर अपने ट्रक के पीछे क्यों लटका कर रखते है लोहे या रबड़ की चैन, जाने इसके क्या होते है फ़ायदें

जब भी हम सड़क पर चलते हैं तो अक्सर हमारी नज़रें उन विशाल ट्रकों (Trucks) पर पड़ती हैं जिनके पीछे की तरफ लटकती एक चेन (Chain) दिखाई देती है।
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statistics charge on truck

जब भी हम सड़क पर चलते हैं तो अक्सर हमारी नज़रें उन विशाल ट्रकों (Trucks) पर पड़ती हैं जिनके पीछे की तरफ लटकती एक चेन (Chain) दिखाई देती है। यह दृश्य अब आम हो चुका है, परंतु इसके पीछे का विज्ञान और उद्देश्य बहुत से लोगों के लिए एक रहस्य बना हुआ है।

सुरक्षा की एक कड़ी

ट्रकों में इस चैन को लगाने का मुख्य कारण विद्युत चार्ज (Electric Charge) का निर्माण होना है। चलते समय, ट्रक के टायरों और सड़क के बीच में घर्षण (Friction) के कारण स्थैतिक आवेश (Static Charge) उत्पन्न होता है। यह आवेश यदि अनियंत्रित रहे तो ट्रक में आग लगने (Fire Hazard) का खतरा बढ़ा सकता है, विशेषकर जब ट्रक ज्वलनशील पदार्थ (Flammable Materials) ले जा रहा हो।

चैन को लगाने का कारण

इस चैन को ट्रक के पीछे इसलिए लगाया जाता है क्योंकि यह धरती (Ground) के संपर्क में आती है, और सारा विद्युत चार्ज इसके जरिए पृथ्वी में स्थानांतरित (Discharge) हो जाता है। यह प्रक्रिया ट्रक को सुरक्षित रखने में मदद करती है। चैन आमतौर पर किसी धातु (Metal) से बनी होती है जैसे कि लोहा (Iron), जो कि एक अच्छा विद्युत चालक (Conductor) होता है।

भारतीय संदर्भ में चेन का उपयोग

भारत में ट्रक चालक अक्सर लोहे की चेन (Iron Chains) का उपयोग करते हैं, हालांकि बाजार में इस प्रकार की चेन विशेष रूप से भी उपलब्ध (Available) हैं। यह प्रथा न केवल ट्रक और उसके चालक की सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि यह राहगीरों और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं (Road Users) की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है।