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मुंबई के समुद्र किनारे पर क्यों रखे होते है बहुत बड़े पत्थर, इसके फायदे जानकर तो आप भी बोलेंगे वाह

मुंबई जिसे अक्सर सपनों का शहर कहा जाता है, अपनी अनेक खूबसूरतियों के लिए प्रसिद्ध है। इनमें से एक है मरीन ड्राइव, जो अपने अनोखे नजारों के लिए विख्यात है।
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मुंबई जिसे अक्सर सपनों का शहर कहा जाता है, अपनी अनेक खूबसूरतियों के लिए प्रसिद्ध है। इनमें से एक है मरीन ड्राइव, जो अपने अनोखे नजारों के लिए विख्यात है। यह जगह न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। मरीन ड्राइव की रोशनी और समुद्र की लहरों की आवाज शाम के समय एक जादुई माहौल बनाती है।

टेट्रापोड है समुद्र का संरक्षक

मरीन ड्राइव पर बिखरे विशालकाय पत्थरों को देखकर कई बार यह सवाल उठता है कि ये आखिर कहां से आए? इन्हें टेट्रापोड कहा जाता है, जो कि मनुष्य द्वारा निर्मित होते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य समुद्र की तेज लहरों से तटीय क्षेत्र की रक्षा करना है। इन विशाल पत्थरों की विशेष डिजाइन लहरों की ऊर्जा को कम करती है, जिससे तटीय क्षेत्रों का कटाव रुकता है।

क्यों हैं टेट्रापोड इतने महत्वपूर्ण?

टेट्रापोड की मौजूदगी से मुंबई के तटीय क्षेत्र सुरक्षित रहते हैं। ये भयंकर लहरों के प्रभाव को कम करते हैं और समुद्र के किनारे की संरचनाओं की रक्षा करते हैं। इनकी डिजाइन ऐसी होती है कि ये एक दूसरे के साथ इंटरलॉक हो जाते हैं, जिससे उनकी स्थिरता और भी बढ़ जाती है। इनका उपयोग समुद्री किनारे पर कटाव और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए किया जाता है।

टेट्रापोड का इतिहास और वजन

ये दिलचस्प है कि मुंबई में टेट्रापोड का इस्तेमाल 90 के दशक में शुरू हुआ था, जबकि इसका पहला उपयोग फ्रांस में किया गया था। इनका वजन 2 से लेकर 10 टन तक हो सकता है, जो इन्हें बेहद मजबूत और दीर्घकालिक समाधान प्रदान करता है। इनकी भारी-भरकम मौजूदगी से समुद्र की तेज लहरों का प्रभाव कम होता है, जिससे तटीय क्षेत्र सुरक्षित रहते हैं।