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यूपी में 42000 करोड़ की लागत से बिजली व्यवस्था में किया जाएगा सुधार, योगी सरकार ने किया बड़ा ऐलान

उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन प्रबंधन ने राज्य की बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। 42,968 करोड़ 55 लाख रुपये की एक भारी-भरकम बजट योजना केंद्र सरकार को स्वीकृति हेतु प्रस्तुत की गई है।
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यूपी में 42000 करोड़ की लागत से बिजली व्यवस्था में किया जाएगा सुधार

उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन प्रबंधन ने राज्य की बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। 42,968 करोड़ 55 लाख रुपये की एक भारी-भरकम बजट योजना केंद्र सरकार को स्वीकृति हेतु प्रस्तुत की गई है। इस विशाल पैसे की मांग केंद्र की रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के तहत की गई है। इस प्रस्तावित योजना के मुख्य आकर्षण में शहरी क्षेत्रों में विद्युत तारों का भूमिगत करण नए उपकेंद्रों और ट्रांसफार्मरों की स्थापना शामिल है।

सुरक्षित और बाधारहित बिजली आपूर्ति की दिशा में एक कदम

यूपी में बिजली व्यवस्था के आधुनिकीकरण से न केवल सुरक्षित और बाधारहित बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित होगी बल्कि विद्युत वितरण से संबंधित सभी उपकरणों की क्षमता में भी वृद्धि होगी। इस योजना के पूरा होने पर राज्य में विद्युत संकट के समाधान में महत्वपूर्ण योगदान होगा। केंद्र सरकार द्वारा इस प्रस्तावित योजना के परीक्षण और स्वीकृति के बाद बजट का आवंटन और कार्य की समय सीमा तय की जाएगी।

आधुनिकीकरण के माध्यम से व्यापक स्तर पर सुधार

अपर मुख्य सचिव ऊर्जा महेश गुप्ता के अनुसार इस आधुनिकीकरण योजना की स्वीकृति से प्रदेश में बिजली वितरण संबंधित व्यवस्थाओं में बड़े पैमाने पर सुधार का काम तेजी से किया जा सकेगा। इसमें प्रदेश के भविष्य की जरूरतों के अनुरूप नए उपकेंद्रों का निर्माण, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, नए ट्रांसफार्मरों की स्थापना और शहरी क्षेत्रों में विद्युत तारों को भूमिगत करने की योजना शामिल है।

आरंभ होने जा रहे हैं नए प्रोजेक्ट्स

उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के चेयरमैन, डॉ. आशीष कुमार गोयल ने जानकारी दी है कि केंद्र सरकार की RDSS योजना के अंतर्गत विद्युत हानियों को कम करने के लिए पहले से ही 13,500 करोड़ रुपये के कार्य राज्य में किए जा रहे हैं। इसके अलावा, नगर निकायों की विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी करीब 5,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। आगामी वित्तीय वर्ष 2024-25 में, एक अप्रैल से शुरू होने वाले, लगभग 5,000 करोड़ रुपये के नए कार्यों की योजना भी प्रस्तावित की गई है।