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UP Electercity Rules: यूपी के इन जिलों में बिजली चोरी करने वालों पर होगी बड़ी कार्रवाई, इस तरीके से रखी जाएगी निगरानी

पश्चिमांचल के सभी चौबीस जिलों में बिजली चोरी को रोकने और मीटर रीडर पर नजर रखने के लिए एमआरआई (मीटर रीडिंग इंस्ट्रूमेंट) से मीटर रीडिंग ली जाएगी। यह मेरठ शहर से शुरू हुआ है।
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Major action will be taken against those who steal electricity in these districts of UP

पश्चिमांचल के सभी चौबीस जिलों में बिजली चोरी को रोकने और मीटर रीडर पर नजर रखने के लिए एमआरआई (मीटर रीडिंग इंस्ट्रूमेंट) से मीटर रीडिंग ली जाएगी। यह मेरठ शहर से शुरू हुआ है। अब बिजली बिल पांच किलोवाट से नौ किलोवाट तक के सभी उपभोक्ताओं के कनेक्शन पर लगे मीटरों की एमआरआई से बनाए जाएंगे, जो पहले दस किलोवाट से अधिक बिजली कनेक्शन वाले मीटरों के एमआरआई से बनाए जाते थे।

बिजली चोरी रुकेगी

इससे बिजली चोरी रुकेगी और मीटर रीडरों पर नज़र रहेगी। मीटर में गड़बड़ भी आसानी से पता चल जाएगा। MD Chhatra V. के निर्देशों के बाद, पश्चिमांचल क्षेत्र के सभी 14 जिलों में पावर कारपोरेशन अधिकारियों ने MRI की तैयारी की। विभिन्न कंपनियों को इसका कार्यभार सौंपा गया है। साईं कंप्यूटर्स को मेरठ का कार्यभार सौंप दिया गया है।

इस तरह काम करेगी मशीन

मीटर के सामने एमआरआई रखने पर कैमरा ऑन हो जाता है, जो फोटो खींचकर पूरा डेटा स्कैन करता है। इससे मीटर में कोई समस्या तुरंत पता चलती है। मेरठ शहर के अधीक्षण अभियंता राजेंद्र बहादुर ने बताया कि पांच से नौ किलोवाट के सभी उपभोक्ताओं के बिजली मीटर का MRE शुरू किया गया है।

मीटर में गड़बड़ी, बाईपास कर बिजली चलाने, शंट और मीटर के बाहर रहने के बारे में जानकारी मिलेगी। मीटर रीडर जो रीडिंग छोड़ देते हैं और कम डिमांड भरते हैं, अब काम नहीं करेंगे। एमआईआई पूरा डाटा और जानकारी देगा।