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इस राजा ने कुत्ते की भव्य शादी में इन्वाइट किए थे डेढ़ लाख मेहमान, बीवियों को छोड़कर हजारो कुत्तों के साथ भाग गया था पाकिस्तान

भारत के बंटवारे (Partition) के समय जब 550 से अधिक देशी रियासतों (Princely States) को भारत में विलय का निर्णय लेना था,
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इस राजा ने कुत्ते की भव्य शादी में इन्वाइट किए थे डेढ़ लाख मेहमान

भारत के बंटवारे (Partition) के समय जब 550 से अधिक देशी रियासतों (Princely States) को भारत में विलय का निर्णय लेना था, तब हैदराबाद, जम्मू-कश्मीर, और जूनागढ़ ने अपनी अलग राह चुनने का प्रयास किया। इस ऐतिहासिक मोड़ पर जूनागढ़ के नवाब (Junagarh Nawab) महाबत खां के अनोखे शौक और निर्णय इतिहास के पन्नों में अमिट छाप छोड़ गए।

नवाब के शानदार महल और उनके कुत्ते

नवाब महाबत खां के वंशज जो अफगानिस्तान से आए थे और मुगलों (Mughals) के लिए लड़ाइयों में भाग लिया करते थे, को उनकी वफादारी के लिए जूनागढ़ रियासत प्राप्त हुई थी। इस रियासत की बड़ी हिंदू आबादी (Hindu Population) के बीच, नवाब का एक अनोखा शौक था - कुत्तों के प्रति उनका अत्यधिक प्रेम। नवाब के पास अलग-अलग नस्लों के 1000 से अधिक कुत्ते थे, जिनके रहने के लिए आलीशान महल बने हुए थे।

'बाकी' और 'रोशना' की शाही शादी

नवाब ने अपने सबसे प्रिय कुत्ते 'बाकी' की शादी 'रोशना' से इतनी धूमधाम से की, कि इस आयोजन में भारत के राजे-महाराजा और प्रतिष्ठित लोग आमंत्रित थे। इस शादी में डेढ़ लाख मेहमान (Guests) शामिल हुए थे। इस आयोजन में नवाब ने नौ लाख रुपये खर्च किए थे, जो उनकी प्रजा की वर्षभर की बुनियादी जरूरतों की पूर्ति कर सकता था।

भारत से अलगाव का फैसला

जब भारत सरकार ने रियासतों को विलय का प्रस्ताव दिया तो नवाब ने भारत में शामिल होने से इनकार कर दिया। कहा जाता है कि नवाब को यह भ्रम था कि स्वतंत्र भारत में उनके कुत्तों को जहर दे दिया जाएगा। इस डर से उन्होंने स्वतंत्र रहने या पाकिस्तान में शामिल होने का फैसला किया।

जनमत संग्रह और नवाब की पाकिस्तान पलायन

जूनागढ़ में जनमत संग्रह (Referendum) के परिणामों ने स्पष्ट किया कि जूनागढ़ की जनता भारत में ही रहना चाहती है। जब प्रजा ने नवाब के खिलाफ बगावत की, तो नवाब अपने कुछ पसंदीदा कुत्तों के साथ पाकिस्तान (Pakistan) भाग गए, जबकि उनकी दो बीवियों को भारत में ही छोड़ दिया गया।