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7 दिनों तक व्रत रखने से शरीर में होते है ये बड़े बदलाव, सच्चाई जानकर तो वैज्ञानिक भी रह गये हैरान

भारत में मोटापा (Obesity) एक आम समस्या बन चुकी है, जिसका मुख्य कारण है पेट की चर्बी। इस समस्या के समाधान के लिए लोग विभिन्न तरीके आजमाते हैं,
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Weight Loss in 7 Days

भारत में मोटापा (Obesity) एक आम समस्या बन चुकी है, जिसका मुख्य कारण है पेट की चर्बी। इस समस्या के समाधान के लिए लोग विभिन्न तरीके आजमाते हैं, जिसमें फास्टिंग (Fasting) भी शामिल है। हाल ही में नेचर मेटाबोलिज्म जर्नल (Nature Metabolism Journal) में प्रकाशित एक अध्ययन ने इस दिशा में नई उम्मीद जगाई है।

फास्टिंग और इसके वैज्ञानिक पहलू

वैज्ञानिकों ने पाया कि सात दिनों तक केवल पानी पीकर रहने से व्यक्ति के शरीर में हजारों तरह के परिवर्तन होते हैं। इस दौरान व्यक्ति औसतन 5.7 किलो वजन (Weight Loss) कम कर सकता है। यह अध्ययन क्वींस मैरी यूनिवर्सिटी लंदन (Queen's Mary University London) और नोर्वियन स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स साइंस (Norwegian School of Sports Sciences) के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया था।

फास्टिंग के लाभ

इस अध्ययन में 12 स्वस्थ व्यक्तियों को शामिल किया गया था, जिन्होंने सात दिनों तक कुछ भी नहीं खाया और केवल पानी पिया। वैज्ञानिकों ने इन व्यक्तियों में 3000 प्लाज्मा प्रोटीनों (Plasma Proteins) की जांच की और पाया कि फास्ट के तीन दिनों के बाद ही इन प्रोटीनों में महत्वपूर्ण परिवर्तन होने लगे। इसके अलावा शरीर के लगभग सभी अंगों पर कुछ न कुछ सकारात्मक प्रभाव देखा गया।

फास्टिंग का महत्व

अध्ययन में यह भी पाया गया कि फास्टिंग के दौरान शरीर से फैट में इकट्ठी हुई एनर्जी का उपयोग होने लगता है। इस प्रक्रिया के कारण शरीर में मौजूद हानिकारक चर्बी (Harmful Fat) एनर्जी में परिवर्तित होकर गलने लगती है। वैज्ञानिकों ने 212 प्रोटीनों पर विशेष रूप से ध्यान दिया और पाया कि इनमें से अधिकतर में फायदा हुआ।

इस अध्ययन ने फास्टिंग को वजन घटाने के एक नए आयाम में स्थापित किया है। यह न केवल वजन घटाने में मदद करता है बल्कि शरीर के अंगों पर इसके सकारात्मक प्रभाव भी सामने आए हैं। फास्टिंग के दौरान शरीर की क्लीनिंग प्रोसेस (Body Cleansing Process) और चर्बी का उचित उपयोग होता है, जिससे न केवल वजन कम होता है बल्कि शरीर भी स्वस्थ रहता है।