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इंसान के मरने के बाद शरीर में होने लगते है ये बदलाव, सच्चाई जानकर तो आपको भी नही होगा भरोसा

मृत्यु एक ऐसा सच है जिसका सामना हर एक व्यक्ति को एक न एक दिन करना है. हम इस नश्वर दुनिया में रहते हैं, जहां पर जो भी व्यक्ति आया है उसकी मृत्यु एक न एक दिन निश्चित है.
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What changes occur in the body after death

मृत्यु एक ऐसा सच है जिसका सामना हर एक व्यक्ति को एक न एक दिन करना है. हम इस नश्वर दुनिया में रहते हैं, जहां पर जो भी व्यक्ति आया है उसकी मृत्यु एक न एक दिन निश्चित है. हम सभी को एक न एक दिन अपने पार्थिव शरीर को यही छोड़कर इस दुनिया से चले जाना है. ज्यादातर आपने देखा ही होगा कि यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है

तो अचानक वह सांस लेना बंद कर देता है और उसके दिल की धड़कन रुक जाती है. साथ ही उसकी आंखें बंद हो जाती है और ऐसे व्यक्ति को आम बोलचाल की भाषा में मृत करार दे दिया जाता है. परंतु क्या आप जानते हैं की मृत्यु के कुछ घंटे बाद तक हमारे शरीर में कुछ बदलाव चलते रहते हैं तो चलिए जानते हैं आखिर वह बदलाव  क्या है.

कब किसी व्यक्ति को मृत घोषित किया जाता है

मेडिकल साइंस और डॉक्टर के अनुसार जब कोई व्यक्ति सांस ना ले रहा हो, उसकी दिल की धड़कन रुक गई हो और उस व्यक्ति का दिमाग बंद हो गया हो तो ऐसे व्यक्ति को ब्रेन डेड कह दिया जाता है. हालांकि कानूनी रूप से उस व्यक्ति को मृत माना जाता है जिसका ब्रेन स्टेम रिस्पांस नहीं कर रहा हो.

मृत्यु के कुछ घंटे बाद शरीर में होने वाले बदलाव

किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके शरीर की सभी मांसपेशियां अचानक से ही रिलैक्स हो जाती है. उसकी आंख की पलके भी अपना तनाव खो देती है और सिकुड़ने लगती है. साथ ही उसका जबडा ढीला हो जाता है और शरीर के सभी अंग काफी लचीले हो जाते हैं. वही हृदय रुक जाने के कारण थोड़ी देर बाद ही व्यक्ति का शरीर गुलाबी पड़ने लगता है.

शरीर पड़ने लगता है ठंडा

मृत्यु के बाद शरीर ठंडा पड़ने की प्रक्रिया को अल्गास मॉर्टिस अर्थात डेथ चिल कहते हैं. सामान्य तौर पर एक व्यक्ति के शरीर का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहता है परंतु जैसे ही मृत्यु हो जाती है, उसके बाद हर एक घंटे में एक डिग्री सेल्सियस तापमान गिरने लगता है. कई बार मांसपेशियों को रिलैक्स करने की प्रक्रिया में शरीर से मल मूत्र भी निकल आता है. मृत्यु के 2 से 6 घंटे बाद शरीर की सभी मांसपेशियां सिकुड़ जाती है.