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भारत की इन 5 ट्रेनों ने अपनी बंपर कमाई से भरा रेल्वे का खजाना, आपने भी जरुर किया होगा सफर

भारतीय रेलवे (Indian Railways) की जीवनरेखा को समृद्ध करने वाली ट्रेनों की सूची में उत्तर रेलवे (Northern Railway) ने अपनी प्रमुख भूमिका साबित की है।
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भारत की इन 5 ट्रेनों ने अपनी बंपर कमाई से भरा रेल्वे का खजाना

भारतीय रेलवे (Indian Railways) की जीवनरेखा को समृद्ध करने वाली ट्रेनों की सूची में उत्तर रेलवे (Northern Railway) ने अपनी प्रमुख भूमिका साबित की है। साल 2022-23 के दौरान कुछ खास ट्रेनों ने अपनी कमाई के जरिए नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। आइए इस आर्टिकल में हम उन टॉप पांच ट्रेनों के बारे में जानते हैं जिन्होंने उत्तर रेलवे के खजाने में भारी रकम जमा की है।

बंगलोर राजधानी है सबसे टॉप पर

उत्तर रेलवे की सबसे अधिक कमाई करने वाली ट्रेनों की सूची में सबसे आगे, बंगलोर राजधानी (Bangalore Rajdhani) 22692 ने अपना नाम रोशन किया है। यह ट्रेन हजरत निजामुद्दीन (Hazrat Nizamuddin) से शुरू होकर K.S.R. बेंगलुरु तक जाती है। पिछले साल इसने 5,09,510 यात्रियों को अपनी सेवाएं प्रदान कीं और इससे रेलवे को 1,76,06,66,339 रुपये की आय हुई।

सियालदह राजधानी है कमाई में नंबर दो पर

दिल्ली से कोलकाता को जोड़ने वाली सियालदह राजधानी (Sealdah Rajdhani) 12314 ने भी कमाई के मामले में अपनी मजबूत स्थिति बनाई है। इस ट्रेन ने पिछले वर्ष 5,09,162 यात्रियों का सफर सुगम बनाया और इसके बदले में रेलवे को 1,28,81,69,274 रुपये की कमाई हुई।

तीसरे नम्बर पर है डिब्रूगढ़ राजधानी

डिब्रूगढ़ राजधानी (Dibrugarh Rajdhani) 20504 जो नई दिल्ली से डिब्रूगढ़ के बीच चलती है, ने पिछले वर्ष 4,74,605 यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया। इस ट्रेन के जरिए रेलवे को 1,26,29,09,697 रुपये की आमदनी हुई।

मुंबई राजधानी है चौथे नंबर पर

मुंबई राजधानी (Mumbai Rajdhani) 12952 जो नई दिल्ली से मुंबई सेंट्रल के बीच चलती है, ने साल 2022-23 में 4,85,794 यात्रियों को सफलतापूर्वक सेवाएं प्रदान कीं। इस ट्रेन के जरिए रेलवे की कमाई 1,22,84,51,554 रुपये रही।

पांचवें नंबर पर फिर डिब्रूगढ़ राजधानी

एक अन्य डिब्रूगढ़ राजधानी (Dibrugarh Rajdhani) 12424 जो नई दिल्ली से गुवाहाटी के विभिन्न स्टेशनों के माध्यम से चलती है, ने पांचवें स्थान पर रहकर भी अच्छा परफ़ोरम किया। पिछले साल इसने 4,20,215 यात्रियों का सफर सुखद बनाया और इससे रेलवे को 1,16,88,39,769 रुपये की कमाई हुई।