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इंसानों के साथ टाइटेनिक जहाज में थे 12 कुत्ते, जाने टाइटेनिक डूबा तो कुत्तों के साथ क्या हुआ

जैसे हम कोई खास तारीख जरूर याद रखते हैं। इस तरह दुनिया में 10 अप्रैल 1912 का इतिहास यादगार रहेगा क्योंकि इस दिन पल भर में 1513 लोगों की जिंदगी खत्म हो गई थी
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जैसे हम कोई खास तारीख जरूर याद रखते हैं। इस तरह दुनिया में 10 अप्रैल 1912 का इतिहास यादगार रहेगा क्योंकि इस दिन पल भर में 1513 लोगों की जिंदगी खत्म हो गई थी। 19वीं साड़ी के दौरान एक बहुत बड़ा जहाज ब्रिटेन के साउथहैंपटन बंदरगाह न्यूयॉर्क के लिए निकल रहा था। लेकिन जब तक यह अपनी स्थान पर पहुंच पाता तब तक इस जहाज के साथ बहुत बड़ा हादसा हो चुका था।

इस जहाज में जितने भी हजारों लोग मौजूद थे सब की जान चली गई और पानी में डूब गए। लेकिन इस जहाज में केवल इंसान ही नहीं बल्कि वफादार जानवर कुत्ते भी थे हम टाइटेनिक जहाज की बात कर रहे हैं। जिसमें 12 कुत्ते सवार थे इन 12 कुत्तों में से उन्होंने अपनी जान गवा दी और तीन किसी तरह से बच पाए।

कैसा होता है टाइटेनिक जहाज

आपने वैसे तो पानी में चलने वाले कई जहाज देखे होंगे। लेकिन टाइटेनिक जहाज की बात ही कुछ और है। यह 19वीं साड़ी में चला करती थी कहा जाता था कि यह जहाज कभी भी समुद्र में नहीं डूबेगा इस जहाज की ऊंचाई भी 17 मंजिला बिल्डिंग के बराबर थी। वही यह जहाज 800 तान के कोयले से चलाया जाता था टाइटेनिक जहाज की खासियत की बात करें, तो इसमें फुटबॉल के तीन मैदान जितनी खाली जगह बची हुई थी और इस जहाज का हॉर्न बहुत तेज था जो 11-11 मील दूर तक जाया करता था।

नहीं मिला जहाज का मालवा

आपको बता दे कि जिस समय टाइटेनिक जहाज इस हाथ से का शिकार हुआ था। उसे समय इसका सारा मालवा भी समुद्र में गलन लग गया वही एक्सपर्ट्स ने भी यह कहा था कि 20 से 30 साल में टाइटैनिक का मालवा धीरे-धीरे पूरी तरह से गल जाएगा और समुद्र के पानी में घुल जाएगा समुद्र में मिलने वाले बैक्टीरिया टाइटैनिक के लोहे को खाने लग गए। यह बैक्टीरिया रोग 180 किलो मालवा का जाते हैं।लेकिन हादसे के दौरान टाइटैनिक के मलवे को निकालने की बात आई तो यह बताया गया कि यह बहुत ही ज्यादा जोखिम भरा और खर्चीली कम है इसलिए समुद्र में ही इसका मालवा सड़ गया।