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रईस बादशाह जो हीरे-जवाहरात के सिंहासन पर बैठ करते थे शौच, कुर्सी में जड़वा रखा था 1100 किलो सोना

भारतीय इतिहास के पन्नों में रियासतों की शानो-शौकत और उनके राजाओं के अजीबोगरीब शौक एक रोचक अध्याय की तरह हैं।
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भारतीय इतिहास के पन्नों में रियासतों की शानो-शौकत और उनके राजाओं के अजीबोगरीब शौक एक रोचक अध्याय की तरह हैं। आजादी के समय भारत में 562 देशी रियासतें (Princely States) मौजूद थीं, जिनके अपने-अपने शासक, राजा, नवाब और निजाम (Kings, Nawabs, and Nizams) थे। इन शासकों की लाइफ़स्टाइल और शौक उनकी राजसी विरासत का परिचायक थे।

मैसूर के महाराजा का सोने और आभूषणों से प्रेम

मैसूर के महाराजा (Maharaja of Mysore) को उनके सोने-चांदी और आभूषणों के प्रेम (Love for Gold and Jewels) के लिए देशभर में जाना जाता था। उनके सिंहासन में जड़े गए 1120 किलो सोने और ठोस सोने की नौ सीढ़ियां उनकी शानो-शौकत की कहानी कहती हैं।

बड़ौदा के महाराजा का ऐतिहासिक रत्न कलेक्शन

बड़ौदा के महाराजा (Maharaja of Baroda) के पास हीरे-जवाहरात का जो विशाल कलेक्शन (Historic Gem Collection) था, उसमें दुनिया का सातवां सबसे बड़ा हीरा 'सितार-ए-दक्खन' भी शामिल था, जिसे कभी नेपोलियन तृतीय ने अपनी प्रेयसी को दिया था।

उड़ीसा के महाराजा का पलंग जैसा सिंहासन

उड़ीसा के एक महाराजा (Maharaja of Odisha) ने लंदन से एक बड़े पलंग की तरह बने सिंहासन को खरीदा और उसमें हीरे-जवाहरात जड़वा दिए। इस सिंहासन की विशेषता यह थी कि महारानी विक्टोरिया ने ऐसे ही पलंग पर अपनी सुहागरात मनाई थी।

नवाब रामपुर का अनोखा सिंहासन

नवाब रामपुर (Nawab of Rampur) का सिंहासन अपनी अनोखी विशेषताओं के लिए प्रसिद्ध था। इस सिंहासन को गिरजाघर के बराबर एक हॉल में रखा गया था, और इसमें एक ऐसी सुविधा थी जो फ्रांस के सम्राट लुई चौदहवें से प्रेरित थी, जिससे नवाब साहब बिना किसी बाधा के शौच कर सकते थे।

राजा-महाराजाओं की शौकीनी

राजा-महाराजा (Kings and Nawabs) अपने खाली समय में औरतों और खेलकूद में अपनी रुचि जाहिर करते थे। उनके महलों में हरम (Harem) होता था, जहां नई-नई नाचने वालियां और औरतें लाई जाती थीं। इसके अलावा शिकार (Hunting) उनका एक प्रमुख शौक था, जिसमें वे अपने जंगलों में रहने वाले विभिन्न पशु-पक्षियों का शिकार करते थे।