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कोटा से दिल्ली जाने वालों का सफर होगा और भी आरामदायक, इस एक्सप्रेसवे पर हर 100 किलोमीटर पर होगी हैलीपेड की सुविधा

सवाई माधोपुर से कोटा जिले के सुल्तानपुर क्षेत्र के कराडिया तक एक्सप्रेसवे (Expressway) के निर्माण का 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
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सवाई माधोपुर से कोटा जिले के सुल्तानपुर क्षेत्र के कराडिया तक एक्सप्रेसवे (Expressway) के निर्माण का 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। बाकी बचे पांच फीसदी काम में साउंडप्रूफ परत (Soundproof layer) डालने का काम शामिल है। इस एक्सप्रेसवे पर निर्धारित स्पीड लिमिट 120 किमी प्रति घंटा है, जिससे यात्री कोटा से जयपुर और दिल्ली तक कम समय में पहुंच सकेंगे।

कोटा क्षेत्र के लिए विकास की नई राह

1350 किमी लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) का कोटा जिले में 106 किमी का हिस्सा गुजरेगा, जो 8 लेन चौड़ा (expandable to 12 lanes) होगा। सुरक्षा के लिए हर आधे किलोमीटर पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं। आपात स्थिति के लिए हर 100 किलोमीटर पर ट्रॉमा सेंटर और हेलीपैड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। दरा में 4.7 किमी लंबी सुरंग का निर्माण भी जारी है, जिससे कोटा से मुंबई की दूरी कम हो जाएगी।

टोल प्लाजा का नया अंदाज

इस एक्सप्रेसवे पर एक नई पहल की गई है जिसमें वाहनों का नंबर एंट्री प्वाइंट पर दर्ज किया जाएगा और एक्सप्रेसवे से उतरने पर तय दूरी के आधार पर टोल (Toll) कम हो जाएगा। यानी यात्रा की लंबाई जितनी अधिक होगी, भुगतान भी उतना ही अधिक होगा।

यात्रा के दौरान सुविधाओं का ध्यान

दिल्ली और मुंबई के बीच के इस एक्सप्रेसवे पर हर 50 किमी पर 93 रेस्ट हाउस (Rest Houses) बनाए जा रहे हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए होटल, एटीएम, फूड कोर्ट, रिटेल शॉप्स, फ्यूल स्टेशन और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

भारतमाला परियोजना में विकास के नए आयाम

यह एक्सप्रेसवे भारतमाला परियोजना (Bharatmala Project) के तहत विकसित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य देश में यातायात को सुगम बनाना और विकास के नए रास्ते खोलना है। इस परियोजना से न केवल यातायात में सुधार होगा बल्कि निवेश भी बढ़ेगा, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।