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Supreme Court Orders: Whatsapp इस्तेमाल करते वक्त भूलकर भी मत कर देना ये बड़ी गलती, वरना हो सकती है बड़ी कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया, जिससे टेलीकॉम कंपनियों जैसे कि जियो, एयरटेल, और वोडाफोन आइडिया को मोबाइल नंबर ट्रांसफर (Mobile Number Transfer) करने की स्वतंत्रता प्रदान की गई है।
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सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया, जिससे टेलीकॉम कंपनियों जैसे कि जियो, एयरटेल, और वोडाफोन आइडिया को मोबाइल नंबर ट्रांसफर (Mobile Number Transfer) करने की स्वतंत्रता प्रदान की गई है।

इसका अर्थ है कि यदि कोई यूजर्स लंबे समय तक रिचार्ज नहीं कराता है, तो कंपनी उस नंबर को किसी और को आवंटित कर सकती है (Exemption to Telecom Companies)।

वॉट्सऐप यूजर्स पर प्रभाव

इस निर्णय का सबसे बड़ा प्रभाव उन वॉट्सऐप (WhatsApp) यूजर्स पर पड़ सकता है, जिन्होंने कॉलिंग और वॉट्सऐप के लिए अलग-अलग नंबरों का इस्तेमाल किया है। यह स्थिति उनके लिए चुनौतीपूर्ण सिद्ध हो सकती है।

सुप्रीम कोर्ट की स्पष्टता

इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना रुख स्पष्ट किया और एडवोकेट राजेश्वरी द्वारा दाखिल याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें ट्राई (TRAI) को डिएक्टिवेट हुए मोबाइल नंबर को दूसरों को न देने की मांग की गई थी।

वॉट्सऐप डेटा की सुरक्षा

कोर्ट ने वॉट्सऐप यूजर्स को सलाह दी कि यदि वे अपने मोबाइल नंबर और डेटा के दुरुपयोग से बचना चाहते हैं, तो उन्हें अपने डेटा को समय रहते हुए डिलीट (Delete WhatsApp Data) कर देना चाहिए।

दूरसंचार विभाग के नियम

दूरसंचार विभाग के नियमानुसार, यदि मोबाइल नंबर रिचार्ज न होने की वजह से डिएक्टिवेट हो जाता है, तो उसे नए उपयोगकर्ता को कम से कम 90 दिनों तक नहीं दिया जाना चाहिए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस पर स्पष्ट किया कि टेलिकॉम कंपनियों को तत्काल नंबर किसी दूसरे व्यक्ति को नहीं देना चाहिए।

वॉट्सऐप यूजर्स के लिए सुझाव

इस निर्णय के मद्देनजर, वॉट्सऐप उपयोगकर्ताओं को अपनी प्राइवेसी (Privacy) के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। उन्हें अपने डेटा की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए ताकि गलत इस्तेमाल से बचा जा सके।