Success Story: 5 बार UPSC में हाथ लगी नाकामी फिर भी नही मानी हार, मेहनत के दम पर अफसर बनकर रच दिया इतिहास

By Vikash Beniwal

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यूपीएससी की कठिनाई का आलम यह है कि कई प्रतिभाशाली अभ्यर्थी भी कई बार इसे पास करने में असफल रहते हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने अंतिम प्रयास में अपनी जिद और मेहनत से सफलता हासिल की और आईएएस अफसर बने। यह कहानियां उन लोगों के लिए प्रेरणा हैं जो आखिरी समय तक हार नहीं मानते।

प्रियंका गोयल

प्रियंका गोयल ने अपनी पूरी ताकत और समर्पण के साथ यूपीएससी की राह पर चलना जारी रखा। उनका पहला प्रयास विफल रहा लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उनकी माँ के स्वास्थ्य संकट के दौरान भी उन्होंने अध्ययन जारी रखा और आखिरकार अपने छठे प्रयास में 369वीं रैंक हासिल कर आईएएस अफसर बनीं। उनकी कहानी दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प से कठिनाइयों को पार किया जा सकता है।

मोहित गुप्ता

मोहित गुप्ता ने अपने आखिरी अटेंप्ट में यूपीएससी की परीक्षा पास की और अपने सपने को सच कर दिखाया। पहले प्रयास से लेकर अंतिम प्रयास तक उनका सफर चुनौतियों से भरा रहा लेकिन उनका आत्मविश्वास कभी कम नहीं हुआ। उन्होंने साबित किया कि निरंतर प्रयास और सही दिशा में कड़ी मेहनत से सफलता संभव है।

रुहानी की अदम्य इच्छाशक्ति

रुहानी ने न केवल अपनी पहली नौकरी छोड़ी बल्कि यूपीएससी के लिए अपने पहले से हासिल किए गए पद को भी त्याग दिया। उनका मानना था कि वे अपने सपनों की ऊँचाइयों तक पहुँच सकती हैं और आखिरकार उन्होंने यह साबित कर दिखाया कि सपने देखने वालों की हार नहीं होती। उनकी पांचवीं रैंक ने उनकी सारी मेहनत को सार्थक कर दिया।

आकृति सेठी

आकृति सेठी ने साबित किया कि परिस्थितियाँ कितनी भी विरुद्ध क्यों न हों अगर इरादे मजबूत हों तो सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने अपनी प्राइवेट नौकरी के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी जारी रखी और अंततः अपने आखिरी प्रयास में सफलता हासिल की। उनका सफर उन लोगों के लिए मार्गदर्शन मिलता है जो कठिनाइयों के बावजूद अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर रहते हैं।

Vikash Beniwal

मेरा नाम विकास बैनीवाल है और मैं हरियाणा के सिरसा जिले का रहने वाला हूँ. मैं पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया पर राइटर के तौर पर काम कर रहा हूं. मुझे लोकल खबरें और ट्रेंडिंग खबरों को लिखने का अच्छा अनुभव है. अपने अनुभव और ज्ञान के चलते मैं सभी बीट पर लेखन कार्य कर सकता हूँ.