Delhi NCR में लोगों के बीच प्रॉपर्टी खरीदने को लेकर मची होड़, खाली पड़े मकानों की भी धड़ाधड हो रही है बिक्री

By Vikash Beniwal

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दिल्ली और इसके आस-पास के क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की मांग में अचानक से बढ़ोतरी होने की खबर है। यहां के बाजार में पिछले कुछ वर्षों में खाली पड़े मकानों की संख्या में काफी कमी आई है। मार्च 2018 में जहां यह संख्या 2,00,476 थी वहीं अब यह घटकर केवल 86,420 रह गई है। इस बड़े परिवर्तन का कारण रियल एस्टेट बाजार में उभरती हुई नई मांग और विकास की दिशा में किए गए निवेश हैं।

दक्षिण भारत के शहरों में भी गिरावट

दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों में भी खाली पड़े घरों की संख्या में गिरावट देखी गई है। 2018 की पहली तिमाही में जहां 1.96 लाख इकाई खाली थी वहीं 2024 की पहली तिमाही में यह संख्या घटकर 1.76 लाख इकाई रह गई है। इसका श्रेय डेवलपर्स द्वारा नई सप्लाई को नियंत्रण में रखने की योजना को दिया जा सकता है।

एनसीआर क्षेत्र की स्थिति

एनसीआर क्षेत्र में विशेष तौर पर गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में बिना बिके मकानों की संख्या में भारी गिरावट देखी गई है। गुरुग्राम में यह संख्या 53,136 से घटकर 33,326 हो गई, नोएडा में 25,669 से घटकर 7,451, ग्रेटर नोएडा में 61,628 से घटकर 18,668 और गाजियाबाद में 37,005 से घटकर 11,011 हो गई है।

बाजार की प्रतिक्रिया

इस विशाल परिवर्तन को बाजार के स्थिरीकरण और मांग-आपूर्ति के बीच संतुलन के रूप में देखा जा सकता है। क्रिसुमी कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक मोहित जैन ने बताया कि दिल्ली-NCR में खाली पड़े मकानों की संख्या में कमी बाजार में स्थिरता को दर्शाती है।

Vikash Beniwal

मेरा नाम विकास बैनीवाल है और मैं हरियाणा के सिरसा जिले का रहने वाला हूँ. मैं पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया पर राइटर के तौर पर काम कर रहा हूं. मुझे लोकल खबरें और ट्रेंडिंग खबरों को लिखने का अच्छा अनुभव है. अपने अनुभव और ज्ञान के चलते मैं सभी बीट पर लेखन कार्य कर सकता हूँ.