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Rajasthan Railway: राजस्थान में इन रूटों पर 160KM की स्पीड से दौड़ेगी ट्रेनें, इन जगहों पर बिछाई जाएगी नई रेल पटरीयां

राजस्थान के लोगों के लिए एक बेहद खुशखबरी है। रेलवे की धीमी गति से परेशान यात्रियों के लिए अब ज्यादा सुविधाएं (Facilities) और तेज गति का समय आ गया है।
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राजस्थान के लोगों के लिए एक बेहद खुशखबरी है। रेलवे की धीमी गति से परेशान यात्रियों के लिए अब ज्यादा सुविधाएं (Facilities) और तेज गति का समय आ गया है। अगस्त महीने में राजस्थान के कोटा रेल मंडल के नागदा से मथुरा खंड के बीच ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रतिघंटा (Speed) की रफ्तार से दौड़ेंगी।

मिशन रफ्तार की ओर एक कदम

नई दिल्ली-मुम्बई रेलमार्ग (Rail Route) पर मिशन रफ्तार (Mission Raftaar) प्रोजेक्ट के तहत यह पहल रेलवे की सेवा में एक महत्वपूर्ण सुधार है। इस खंड पर ट्रेनों की गति बढ़ने से न सिर्फ यात्री जल्दी अपने गंतव्य तक पहुँच पाएंगे, बल्कि ट्रैक पर गाड़ियों की संख्या बढ़ाने की संभावना भी बढ़ जाएगी। कुल 545 किलोमीटर की इस दूरी पर मिशन 160 के तहत काम 2,665 करोड़ रुपए (Cost) की लागत से चल रहा है, जिसे जुलाई 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य (Target) है।

कार्य का विभाजन और प्रगति

मिशन रफ्तार प्रोजेक्ट का कार्य तीन खंडों में विभाजित है: मथुरा से गंगापुर सिटी (152 किलोमीटर), गंगापुर सिटी से कोटा (172 किलोमीटर) और कोटा से नागदा (221 किलोमीटर)। इस परियोजना में विभिन्न चरणों में कार्य पूरा किया जा रहा है, जिससे इसे समय पर पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो रही है।

प्रोजेक्ट में शामिल प्रमुख कार्य

मुख्यतः इलेक्ट्रिकल, संकेत एवं दूरसंचार और इंजीनियरिंग विभाग (Departments) इस परियोजना में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कार्यों में ट्रैक के दोनों ओर चारदीवारी, कवच सुरक्षा प्रणाली, कर्व कम करने और ओएचई (OHE) के कार्य शामिल हैं। इससे रेलवे की सुरक्षा और कार्यक्षमता में वृद्धि होगी।

चारदीवारी और ओएचई कार्य की प्रगति

इंजीनियरिंग विभाग ने नागदा से मथुरा तक के 545 किलोमीटर की दूरी में ट्रेक के दोनों ओर 1090 किलोमीटर चारदीवारी का काम 70% पूरा कर लिया है, जिसमें से 771 किलोमीटर चारदीवारी पूरी की जा चुकी है। इसके अलावा ओएचई का कार्य मथुरा-गंगापुर सिटी खंड में लगभग पूरा हो चुका है, जिससे इस प्रोजेक्ट की सफलता की ओर एक कदम और बढ़ाया गया है।