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Rajasthan Mausam: राजस्थान के इन जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी, अगले 3 घंटों में इन जिलों में झमाझम बरसेंगे बादल

दक्षिण-पूर्वी राजस्थान पर बनाए गए मानसूनी प्रणाली के कारण भारी बारिश हो रही है।
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दक्षिण-पूर्वी राजस्थान पर बनाए गए मानसूनी प्रणाली के कारण भारी बारिश हो रही है। मारवाड़ और हाड़ौती के कुछ जिलों में पिछले कई दिनों से भारी बारिश हो रही है। 207 मिमी बरसात पाली के सादड़ी में हुई। जालोर में शाम 5.30 बजे 95.5 मिमी बारिश हुई। जवाई बांध में छह गेटों से 3,528 क्यूसेक जल निकला। 

इधर हाड़ौती और मध्यप्रदेश में भारी बारिश से चम्बल के बांधों में पानी की भारी आवक हो रही है। सोमवार को कोटा बैराज के बारह गेट खोले गए, जिससे एक लाख चालीस हजार क्यूसेक पानी निकाला गया। शाम 7 बजे बाद कोटा बैराज से 2 लाख क्यूसेक पानी निकासी को लेकर भी प्रशासन ने अलर्ट जारी किया और निचली बस्तियों में मुनादी करवा दी। कोटा शहर में भी चम्बल की यासतकालीन एलिया मिली है।

येलो अलर्ट जारी किया गया

मंगलवार को मौसम विभाग ने बताया कि अगले तीन घंटे में सिरोही, जालोर, उदयपुर, जोधपुर, नागौर, झुंझुनू, चूरू, सीकर, बीकानेर और बाड़मेर जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

कल बारिश कम हो सकती है

जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, दक्षिण राजस्थान में कम दबाव का क्षेत्र कमजोर हो गया है और परिसंचरण तंत्र में बदल गया है। इस तंत्र के चौबीस घंटे में दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान की ओर आगे बढ़ने से बाड़मेर, जालोर और जैसलमेर के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि बाड़मेर, जालोर और जैसलमेर के शेष हिस्सों में बरसात कम होने की संभावना है। राज्य को 20 सितंबर से भारी बारिश से राहत मिलेगी।

चंबल के मुख्य बांध ने पांच गेट खोले, जिससे इतना पानी निकला। राणा प्रताप सागर बांध में पिछले दो दिनों में २ लाख ७८ हजार क्यूसेक पानी की आवक हुई है।

जवाहर सागर बांध में छह गेट खोले जा रहे हैं, जिससे 1 लाख 56 हजार 650 क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है। 10 हजार 854 क्यूसेक पानी से यहां विद्युत उत्पादन किया जाता है।

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गांधी सागर बांध में पांच बड़े और सात छोटे गेटों से पानी निकाला जाता है। बांध से प्रति सैकंड २ लाख ७८ हजार क्यूसेक पानी निकलता है। प्रति सैकंड, बांध से पांच गेट खोला जाता है, जिससे 2 लाख 75 हजार 490 क्यूसेक पानी निकाला जाता है।