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यूपी के इस जिले में 75 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण का नोटिस जारी, किसानों को इतना मिलेगा मुआवजा

आवास विकास परिषद (Housing Development Council) की जागृति विहार एक्सटेंशन योजना (Jagruti Vihar Extension Scheme) के विस्तार की प्रक्रिया नई उम्मीदों के साथ एक बार फिर से शुरू की गई है।
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आवास विकास परिषद (Housing Development Council) की जागृति विहार एक्सटेंशन योजना (Jagruti Vihar Extension Scheme) के विस्तार की प्रक्रिया नई उम्मीदों के साथ एक बार फिर से शुरू की गई है। इस प्रक्रिया के तहत छह गांवों की कुल 75 हेक्टेयर भूमि (Land Acquisition) का अधिग्रहण किया जाना है, जिससे एक हजार किसानों को प्रभावित किया जाएगा।

किसानों को भेजे गए नोटिस

आवास विकास परिषद ने जमीन मालिकों को नोटिस भेजे हैं, जिससे उन्हें अपनी आपत्तियाँ (Objections) दर्ज कराने के लिए 21 दिन का समय दिया गया है। इस पहल से जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया को गति मिलेगी और किसानों को उनकी जमीन के बदले उचित मुआवजा (Compensation) सुनिश्चित हो सकेगा।

योजना का पुनर्विचार और विकास

वर्ष 2008 में शुरू की गई इस योजना का मकसद गांवों की 266 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण कर विकसित करना था। पहले चरण में अधिकांश किसानों ने अपनी जमीन देने की सहमति दी थी, लेकिन कुछ गांवों के किसानों ने इन्कार कर दिया था। अब शेष बची भूमि के अधिग्रहण के लिए शासन (Government) के निर्देशों के अनुसार नई पहल की गई है।

विस्तार योजना में अधिग्रहण की चुनौतियाँ

जागृति विहार एक्सटेंशन योजना के विस्तार के लिए अधिग्रहीत की जाने वाली भूमि में सबसे बड़ा हिस्सा घोसीपुर गांव (Ghosipur Village) का है, जिसकी 38 हेक्टेयर जमीन शामिल है। इस प्रक्रिया में गांव कमालपुर, गेसूपुर दतावली, सराय काजी, कस्बा मेरठ, काजीपुर सहित अन्य गांवों की भी भूमि शामिल है।

अधिग्रहण के बाद की संभावनाएँ

इस अधिग्रहण प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद आवास विकास परिषद द्वारा विकसित किए गए क्षेत्र में नए आवासीय परिसर (Residential Complexes) और विकास परियोजनाएं (Development Projects) शुरू की जाएंगी, जिससे न केवल स्थानीय निवासियों को बेहतर आवासीय सुविधाएँ मिलेंगी बल्कि क्षेत्र का समग्र विकास (Overall Development) भी सुनिश्चित होगा।