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मुगल बादशाह इस कारण रखते थे एक से ज्यादा रानियां, जाने इसके पीछे की वजह

मुगल साम्राज्य जिसकी शुरुआत 1526 में बाबर के भारत आगमन से हुई, ने अपने अनोखे पारिवारिक ढांचे और विवाह संस्कृतियों के लिए इतिहास में एक विशेष स्थान बनाया है।
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मुगल साम्राज्य जिसकी शुरुआत 1526 में बाबर के भारत आगमन से हुई, ने अपने अनोखे पारिवारिक ढांचे और विवाह संस्कृतियों के लिए इतिहास में एक विशेष स्थान बनाया है। इस साम्राज्य में कई पत्नियाँ रखने की प्रथा ने न सिर्फ राजनीतिक गठबंधनों को मजबूती प्रदान की, बल्कि साम्राज्य की सामाजिक संरचना को भी प्रभावित किया।

बाबर का पारिवारिक जीवन

बाबर जिन्होंने मुगल साम्राज्य की नींव रखी, उनकी नौ पत्नियाँ थीं। यह प्रथा केवल राजनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए नहीं थी, बल्कि यह उस समय की सामाजिक संरचना का भी एक हिस्सा थी।

परंपरा का अनुसरण

बाबर के बाद मुगल साम्राज्य के दूसरे शासक हुमायूँ ने भी इसी परंपरा का पालन किया। उनकी पहली शादी बेगा बेगम से हुई थी, जो कम उम्र में ही हुई थी। इसके बाद उन्होंने कई और शादियां कीं।

अकबर का विवाहित जीवन

अकबर जिन्हें अन्य मुगल बादशाहों से बेहतर माना जाता था, उनकी 300 पत्नियाँ थीं। हालांकि सभी को राजसी अधिकार प्राप्त नहीं थे और केवल 35 पत्नियों के पास ही ये अधिकार थे। इनमें से सबसे प्रसिद्ध जोधाबाई थीं, जिन्हें मरियम-उज़-ज़मानी भी कहा जाता है। जोधाबाई अजमेर के राजपूत शासक राजा भारमल की बेटी थीं।

मिर्जा नासिर-उद-दीन मुहम्मद शाह की कितनी पत्नियां थी

मिर्जा नासिर-उद-दीन मुहम्मद शाह, जो 13वें मुगल सम्राट थे, उनकी चार पत्नियाँ थीं। उनकी पहली पत्नी उनकी चचेरी बहन राजकुमारी बादशाह बेगम थीं, जिन्हें मलिका-उज़-ज़मानी की उपाधि दी गई थी।