home page

बच्चों को कोचिंग भेजने से तो पहले जान लें ये नए नियम, लग सकता है एक लाख का जुर्माना

आजकल कंपटीशन को देखते हुए मां-बाप अपने बच्चों के भविष्य को लेकर बहुत अधिक चिंतित रहते हैं.
 | 
coaching centre rule

आजकल कंपटीशन को देखते हुए मां-बाप अपने बच्चों के भविष्य को लेकर बहुत अधिक चिंतित रहते हैं. यही कारण है कि दसवीं से ही मां-बाप अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए बड़े-बड़े कोचिंग इंस्टिट्यूट में भेज रहे हैं. यह इंस्टिट्यूट भी बड़े-बड़े विज्ञापन छापते हैं

और लाखों रुपए फीस के लिए वसूलते हैं. आपको बता दे कि सरकार द्वारा इन इंस्टिट्यूट के लिए कुछ गाइडलाइंस जारी की गई है. यदि यह इंस्टिट्यूट उन नियमों का पालन नहीं करते है तो इन्हें भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है तो चलिए जानते हैं आखिर कौन से हैं यह गाइडलाइन्स.

लगेगा एक लाख का जुर्माना

कुछ समय पहले भारत के एजुकेशन मिनिस्ट्री ने एक एडवाइजरी जारी कर बताया कि यदि किसी कोचिंग इंस्टिट्यूट में 16 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थी को एडमिशन दिया जाता है तो उस कोचिंग इंस्टिट्यूट को जुर्माने के तौर पर ₹100000 भरना पड़ेगा. इसलिए आप मां- बाप को अपने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का कोचिंग इंस्टिट्यूट में न भेजा जाए.

रुकेगी कोचिंग इंस्टिट्यूट की मनमानी

भारत में कोचिंग इंस्टिट्यूट की मनमानी को रोकने के लिए भारत सरकार द्वारा कई नियम जारी किए गए हैं. इसमें एक नियम है कि कोचिंग इंस्टिट्यूट में पढ़ने वाले शिक्षक के पास ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए. साथ ही कोई कोचिंग इंस्टिट्यूट अपने किसी भी विज्ञापन में यह आश्वासन नहीं कर सकता कि वह विद्यार्थी को आईएएस, आईपीएस या डॉक्टर बना ही देंगे.

यदि कोचिंग इंस्टिट्यूट ऐसा दावा करते हुए पाएंगे तो इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. सरकार द्वारा बनाए गए किसी भी नियम का पालन न करने पर पहले ₹25000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा. यदि दोबारा नियम का पालन न किया गया तो ₹100000 तक का जुर्माना देना पड़ेगा. वहीं तीसरी बार नियम का उल्लंघन करने पर रजिस्ट्रेशन भी रद्द किया जा सकता है.