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Jaya Kishori: जया किशोरी ने बताई लड़का और लड़की की प्यार करने की उम्र, आपको जरुर जाननी चाहिए

शादी जिंदगी के सबसे अहम फैसलों में से एक केवल दो आत्माओं का मिलन नहीं बल्कि दो परिवारों का एकीकरण भी है। यह सिर्फ प्यार समर्थन और समझ की बात नहीं है यह जिम्मेदारियों समझौतों और व्यावहारिकता का भी मामला है।
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शादी जिंदगी के सबसे अहम फैसलों में से एक केवल दो आत्माओं का मिलन नहीं बल्कि दो परिवारों का एकीकरण भी है। यह सिर्फ प्यार समर्थन और समझ की बात नहीं है यह जिम्मेदारियों समझौतों और व्यावहारिकता का भी मामला है।

समाज और पारंपरिक मान्यताएं

हमारे समाज में शादी को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है और इसे सहज बनाने की कोशिश की जाती है। पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार जैसे ही लड़का और लड़की वैध उम्र को पार करते हैं परिवार और रिश्तेदार उनके लिए आदर्श जीवनसाथी की खोज में लग जाते हैं।

आधुनिक दृष्टिकोण और व्यक्तिगत चुनाव

आज के समय में, यह महत्वपूर्ण है कि माता-पिता और युवा समझें कि शादी केवल समय और परिस्थिति का मामला नहीं है। जया किशोरी के प्रवचनों से हमें सीखने को मिलता है कि हर व्यक्ति को अपने जीवन के इस महत्वपूर्ण फैसले को सोच-समझकर और आत्म-निर्णय के साथ लेना चाहिए।

गलतफहमियों से परे

एक आम धारणा यह भी है कि अगर लड़का बिगड़ रहा है तो शादी करा देने से वह सुधर जाएगा। जया किशोरी इस गलतफहमी को दूर करते हुए स्पष्ट करती हैं कि यह सोचना कि किसी की पत्नी आकर उसे सुधार देगी अनुचित है। हर व्यक्ति की अपनी खुशियों और आकांक्षाओं की अपेक्षाएं होती हैं।

माता-पिता की जिम्मेदारी

माता-पिता का यह कर्तव्य है कि वे अपने बच्चों को शादी के लिए प्रोत्साहित करें लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि वे सही समय पर सही कारणों से और सही व्यक्ति के साथ यह कदम उठा रहे हैं। जया किशोरी जोर देकर कहती हैं कि शादी का निर्णय बहुत ही सोच समझकर और पूरी जिम्मेदारी के साथ लेना चाहिए।