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1986 में स्मार्टफोन से भी कम कीमत में आती थी रॉयल एनफील्ड की बाइक, 38 साल पुराना शोरूम का बिल हो रहा है वायरल

भारतीय ऑटो मार्केट में जहां स्पेशल इडिशन और तकनीक का बोलबाला है, वहीं एक समय ऐसा भी था जब रॉयल एनफील्ड की बुलेट ने भारतीय सड़कों पर अपनी राजसी शान बिखेरी थी।
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भारतीय ऑटो मार्केट में जहां स्पेशल इडिशन और तकनीक का बोलबाला है, वहीं एक समय ऐसा भी था जब रॉयल एनफील्ड की बुलेट ने भारतीय सड़कों पर अपनी राजसी शान बिखेरी थी। इस बाइक की यूनिक क्लासिक डिजाइन और गहरी आवाज ने न केवल बाइक प्रेमियों का दिल जीता, बल्कि इसे लग्जरी वाहनों में गिना जाने लगा।

रॉयल एनफील्ड का ऐतिहासिक सफर

रॉयल एनफील्ड की बाइक हमेशा से ही अपने दमदार प्रदर्शन और उम्दा कस्टमर सर्विस के लिए जानी जाती रही है। इसकी रफ्तार और विश्वसनीयता ने इसे हर उम्र के लोगों की पहली पसंद बनाया। बुलेट का रॉयल लुक इसे खरीदने वालों के लिए प्राउड जैसा फील करवाता है।

वायरल होता एक पुराना बिल

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक बिल रॉयल एनफील्ड बुलेट 350 का है, जो 1986 के दशक में केवल 18,700 रुपये में बिकी थी। यह बिल संदीप ऑटो कंपनी द्वारा जारी किया गया था, जो झारखंड में स्थित है। उस समय इस बाइक को इसकी दमदार क्वालिटी और रॉयल लुक के लिए खूब सराहा गया था।

रॉयल एनफील्ड और भारतीय सेना

रॉयल एनफील्ड बुलेट की दमदार क्वालिटी और विश्वसनीयता ने इसे भारतीय सेना के लिए भी एक आदर्श वाहन बना दिया। सेना में इसका इस्तेमाल सीमावर्ती क्षेत्रों में गश्त लगाने के लिए किया जाता था, जो इसकी दमदार परफॉरमेंस और टिकाऊपन का प्रमाण है। रॉयल एनफील्ड बुलेट का उपयोग भारतीय सेना द्वारा न केवल उसकी शक्ति और मज़बूती के लिए किया गया, बल्कि इसकी रॉयल छवि भी सैन्य गरिमा के अनुरूप थी।

रॉयल एनफील्ड एक विरासत की धरोहर

आज के समय में जहां रॉयल एनफील्ड की बाइक्स अपनी श्रेणी में महंगी कीमतों पर उपलब्ध हैं, वहीं 1986 में इसकी कीमत का वायरल हो रहा बिल यह दिखाता है कि कैसे समय के साथ इस ब्रांड की कीमत और डिमांड में भारी उछाल आया है। यह न केवल रॉयल एनफील्ड की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है, बल्कि इसकी ऐतिहासिक विरासत और गुणवत्ता की भी गवाही देता है।