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ट्रेन चलाते वक्त लोकोपायलट की आंख लगी तो ऑटोमैटिक ही रुक जाएगा ट्रेन, रेल्वे अब इस्तेमाल करने जा रहा है गजब की तकनीक

समय-समय पर रेलवे ने ट्रेनों पर सेफ जर्नी सुनिश्चित की है। यही कारण है कि पूर्वोत्तर रेलवे, एक ऐसा डिवाइस बना रहा है जो लोकोपायलट को झपकी आते ही ट्रेन रोक देगा।
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National News In Hindi

समय-समय पर रेलवे ने ट्रेनों पर सेफ जर्नी सुनिश्चित की है। यही कारण है कि पूर्वोत्तर रेलवे, एक ऐसा डिवाइस बना रहा है जो लोकोपायलट को झपकी आते ही ट्रेन रोक देगा। ट्रेन ड्राइवर्स की झपकती आंखों को यह तकनीक सावधान कर सकेगी। रिपोर्ट के अनुसार, इसी साल जून में रेलवे बोर्ड ने एनएफआर से कहा था कि ऐसा डिवाइस बनाओ जो आँख झपकते ही लोकोपायलट को सावधान कर सके। 

लोकपायलट को अलर्ट करने वाला डिवाइस 

लोकपायलट को अलर्ट करने वाला डिवाइस रेलवे ड्राइवर असिस्टेंट सिस्टम (RDAS) कहलाता है। इसमें सावधानी की जरूरत होगी, साथ ही पायलट को सावधानी खोने पर इमरजेंसी ब्रेक भी लगाया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि आरडीएएस को अलर्ट कण्ट्रोल सिस्टम से जोड़ा जाएगा

ताकि इमरजेंसी ब्रेक लगाया जा सके। रेलवे के एक अधिकारी ने कहा, 'यह डिवाइस अभी डेवलपमेंट फेज में है। इसके सही कामकाज का पता लगाने के लिए ट्रैंनिंग किए जा रहे हैं। इस पर NFR तकनीकी टीम काम कर रही है। इसके जल्द ही तैयार होने की उम्मीद है।"

डिवाइस पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर दिखाई देगा 

रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे बोर्ड ने इसे लेकर NFAR को लेटर लिखा था। इसमें RDAS बनाने और तैयार करने में तेजी की मांग की गई। बताया जा रहा है कि यह डिवाइस तैयार होने के बाद पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाएगा।

यह पहले बीस मालगाड़ी इंजन (WAG 9) और बीस यात्री ट्रेन इंजन (WAP 7) में लगाया जाएगा। इस डिवाइस का उपयोग शुरू होने पर सभी रेलवे क्षेत्रों से इसका फीडबैक लिया जाएगा। इससे पता चलेगा कि इस AI-आधारित डिवाइस में अधिक सुधार की जरूरत है या नहीं।