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बादल फटता है तो एकदम से जमीन पर पानी गिरता है या नही. सच्चाई सुनकर तो आपको भी नही होगा विश्वास

बादल फटना जिसे हम आमतौर पर एक प्राकृतिक घटना (Natural Phenomenon) के रूप में जानते हैं, वास्तव में जब अत्यधिक नमी वाले बादल एक साथ मिल जाते हैं तब होती है।
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बादल फटना जिसे हम आमतौर पर एक प्राकृतिक घटना (Natural Phenomenon) के रूप में जानते हैं, वास्तव में जब अत्यधिक नमी वाले बादल एक साथ मिल जाते हैं तब होती है। इस संघटन में बादलों का भार और घनत्व बढ़ जाता है, जिससे एक समय के बाद पानी की बूंदें जमीन पर गिरना शुरू हो जाती हैं। यह स्थिति सामान्य बारिश (Rain) से काफी अलग होती है, क्योंकि यहाँ पानी की मात्रा काफी अधिक होती है।

बादल फटने का दृश्य

एक प्रचलित मिथक (Myth) यह है कि बादल गुब्बारे की तरह फटते हैं, जिससे एक साथ भारी मात्रा में पानी गिरता है। हालांकि वास्तविकता में बादल फटने की प्रक्रिया में पानी धीरे-धीरे परंतु बहुत तेजी से जमीन पर गिरता है, जिससे मूसलाधार बारिश (Torrential Rainfall) होती है। यह वर्षा एक सीमित क्षेत्र में होती है, लेकिन इसकी स्पीड इतनी अधिक होती है कि कुछ ही समय में विशाल मात्रा में पानी जमीन पर आ जाता है।

आपदा के परिणाम

बादल फटने से गिरे पानी ने बाढ़ जैसा रूप धारण करना आम सी बात है। इस आपदा ने न केवल जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर भी व्यापक नुकसान पहुंचाया है। ऐसे हालातों में जान माल की भी काफ़ी हानि होती है.