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भारत के मुकाबले पाकिस्तान में कितने रुपए यूनिट है बिजली, हर महीने का बिजली बिल भरने की जगह लोग कर रहे ये काम

पाकिस्तान में इन दिनों महंगाई की मार से जूझ रहे लोगों की दिक्कतें और भी बढ़ गई हैं, जिसका मुख्य कारण बिजली के बढ़ते दाम (Electricity Rates) हैं।
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पाकिस्तान में इन दिनों महंगाई की मार से जूझ रहे लोगों की दिक्कतें और भी बढ़ गई हैं, जिसका मुख्य कारण बिजली के बढ़ते दाम (Electricity Rates) हैं। एक तरफ जहां बिजली की कीमतों में आसमान छूती हुई बढ़ोतरी हो रही है, वहीं दूसरी ओर आम आदमी की जेब पर इसका भारी बोझ पड़ रहा है।

बिजली के दामों में उछाल

डीडब्ल्यू की एक रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में एक व्यक्ति की मासिक आय 20 हजार रुपये है, जबकि उसका बिजली का बिल 18 हजार रुपये तक पहुंच गया है। इससे साफ जाहिर है कि किस तरह बिजली के बढ़ते दाम लोगों की जेब पर भारी पड़ रहे हैं।

बिजली चोरी मजबूरी या मायूसी?

बिजली के बढ़ते दामों के कारण कई लोग बिजली चोरी (Electricity Theft) करने को मजबूर हो गए हैं। पाकिस्तान में भी भारत की तरह बिजली चोरी के लिए 'कुंडा' सिस्टम का इस्तेमाल होता है, जहां घरों से तार मेन लाइन पर डालकर बिजली चोरी की जाती है।

बिजली के रेट में बढ़ोतरी का कारण

नेशनल इलेक्ट्रिक पावर रेग्युलेटरी अथॉरिटी (NEPRA) द्वारा बिजली के प्रति यूनिट रेट में 3.28 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण वित्तीय बोझ (Financial Burden) को कम करना बताया जा रहा है।

प्रति यूनिट बिजली के रेट

पाकिस्तान में बिजली के प्रति यूनिट रेट की बात करें तो यहां यूनिट स्लॉट के हिसाब से रेट हैं। 100 यूनिट से कम बिजली के लिए कम रेट और जितने ज्यादा यूनिट खर्च होंगे, उस हिसाब से रेट बढ़ते जाएंगे।

बिजली चोरी रोकने की कोशिश

बिजली चोरी की बढ़ती समस्या के चलते सरकारी बिजली कंपनियां इसे रोकने के लिए विभिन्न प्रयास (Government Efforts) कर रही हैं। लेकिन बिजली की बढ़ती कीमतें और आमदनी में असंतुलन के कारण लोगों का इस ओर झुकाव बढ़ता जा रहा है।