home page

एक बीयर की बोतल बिकने पर दुकानदार को कितना मिलता है कमीशन, एक महीने की कमाई जानकर तो आपको भी नही होगा विश्वास

जब भी हम किसी दुकान से कोई सामान खरीदते हैं उसमें दुकानदार का मुनाफा भी शामिल होता है। यह सामान्य व्यापारिक प्रक्रिया है जिसमें विक्रेता एमआरपी से कम कीमत पर सामान खरीदता है और उसे मुनाफे के साथ बेचता है।
 | 
shop-income-how-much-does-a-beer-bottle

जब भी हम किसी दुकान से कोई सामान खरीदते हैं उसमें दुकानदार का मुनाफा भी शामिल होता है। यह सामान्य व्यापारिक प्रक्रिया है जिसमें विक्रेता एमआरपी से कम कीमत पर सामान खरीदता है और उसे मुनाफे के साथ बेचता है। इसी तरह शराब के व्यापार में भी दुकानदार एक निर्धारित मार्जिन पर ग्राहकों को शराब बेचते हैं। लेकिन, एक बीयर की बोतल पर दुकानदार को होने वाली कमाई क्या होती है?

मुनाफे का आधार 

शराब पर मुनाफा मुख्यतः उसकी श्रेणी पर निर्भर करता है। शराब की कैटेगरी में बीयर, एल्कोपॉप आईएमएफएल (इंडियन मेड फॉरेन लिकर), फॉरेन लिकर और देसी शराब शामिल हैं। इनके मुनाफे में अंतर विभिन्न कंपनियों, राज्यों, और ब्रांडों के अनुसार होता है। इस वजह से शराब पर होने वाले मुनाफे का सटीक आंकलन पेश करना कठिन है।

कितना होता है मुनाफा 

विभिन्न श्रेणियों पर दुकानदारों का मुनाफा अलग-अलग होता है। उदाहरण के लिए, दिल्ली के एक्साइज विभाग के अनुसार, बीयर पर लगभग 12% मुनाफा, आईएमएफएल के इकोनॉमी ब्रांड पर प्रति बोतल 4 रुपये, मीडियम लिकर पर 4.25 रुपये, इंडियन लिकर पर 20% और फॉरेन लिकर पर भी 20% का मुनाफा होता है। इस प्रकार व्यापारी की कमाई शराब की प्रकार ब्रांड, और राज्य पर निर्भर करती है।

परिवर्तनशील मार्जिन

समय के साथ शराब पर होने वाले प्रॉफिट मार्जिन में परिवर्तन हो सकता है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, यह फायदा 20 से 25% तक हो सकता है। यह फायदा स्टेट, ब्रांड, और शराब की प्रकार पर निर्भर करता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मुनाफे का प्रतिशत स्थानीय नीतियों और बाजार की स्थितियों के अनुसार भिन्न होता है।