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बारिश के बाद खाली जमीन पर क़ैसे उग जाती है घास, जाने कैसे पैदा होते है घास के बीज

इन दिनों पूरे देश में बारिश का मौसम (Monsoon Season) अपनी पूरी छटा बिखेर रहा है। हर तरफ हरियाली की चादर बिछ गई है। सालभर सूखी और बंजर पड़ी जमीन पर भी हरी घास (Green Grass) ने अपना घर बना लिया है।
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why grass start looking more green after rain

इन दिनों पूरे देश में बारिश का मौसम (Monsoon Season) अपनी पूरी छटा बिखेर रहा है। हर तरफ हरियाली की चादर बिछ गई है। सालभर सूखी और बंजर पड़ी जमीन पर भी हरी घास (Green Grass) ने अपना घर बना लिया है। पार्कों और खुले मैदानों में घास की बढ़ोतरी आम दृश्य है।

इस हरियाली ने मन में एक सवाल उठाया है कि आखिर यह घास आती कहां से है? क्या बारिश की बूंदें (Raindrops) कुछ जादुई तत्व लेकर आती हैं, जिनसे खाली जमीन हरी-भरी हो जाती है?

बारिश के बाद घास

बारिश के बाद जमीन पर घास के उग आने की प्रक्रिया (Germination Process) वानस्पतिक प्रसार (Vegetative Propagation) का एक उदाहरण है। खेतों और बंजर जमीनों पर मौजूद सूखी घास के तनों में छिपी कलियां, बारिश के पानी से सक्रिय होकर नए पौधों को जन्म देती हैं। इसे वैज्ञानिक भाषा में निष्क्रिय अवस्था से सक्रिय अवस्था में आना कहते हैं। इस प्रक्रिया को समझना और देखना वास्तव में आश्चर्यजनक है।

हरियाली का खूबसूरत राज

जब बारिश होती है तो आपको घास पहले से ज्यादा हरी (Greener) दिखाई देती है, और इसके पीछे नाइट्रोजन (Nitrogen) की भूमिका होती है। उत्तरी कैरोलिना के एक शोध मृदा वैज्ञानिक जेनिफर नोएप के अनुसार बारिश से मिट्टी में पानी की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे पौधे अधिक नाइट्रोजन ग्रहण कर पाते हैं। यह नाइट्रोजन न केवल पौधों की वृद्धि में सहायक होती है, बल्कि उन्हें और भी हरा-भरा बनाती है।

बारिश के बाद घास की चमक

बारिश के बाद जब सूरज (Sunlight) निकलता है, तो घास प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया में अधिक सक्रिय हो जाती है। इस दौरान घास नाइट्रोजन का उपयोग करके सूर्य की रोशनी से अपने लिए भोजन तैयार करती है। यह प्रक्रिया घास को और भी हरा-भरा और स्वस्थ बनाती है।

बारिश और इसके विविध प्रभाव

बारिश में नाइट्रोजन की मात्रा कई कारकों पर निर्भर करती है, जैसे कि आप कहां रहते हैं और आपके क्षेत्र में होने वाली बारिश की प्रकृति (Rain Nature)। नोएप के अनुसार बारिश की नाइट्रोजन सामग्री आपके भौगोलिक स्थान (Geographical Location) पर भी निर्भर करती है, जो घास के हरे रंग और वृद्धि को प्रभावित करती है।