home page

जीरो फीस और ढेरों डिस्काउंट ऑफर देने के बाद क्रेडिट कार्ड कंपनी कैसे करती है कमाई, असली सच्चाई सुनकर तो आप भी पकड़ लेंगे अपना सिर

आज के टाइम में क्रेडिट कार्ड (Credit Card) का चलन तेजी से बढ़ रहा है। यह छोटी सी प्लास्टिक की चिप न केवल आपकी खरीदारी को आसान बनाती है
 | 
credit card bill late fee

आज के टाइम में क्रेडिट कार्ड (Credit Card) का चलन तेजी से बढ़ रहा है। यह छोटी सी प्लास्टिक की चिप न केवल आपकी खरीदारी को आसान बनाती है बल्कि कई बार आपको वित्तीय संकट से भी उबार लेती है। लेकिन क्या इसके साथ आने वाले ऑफर्स (Offers) और सुविधाएँ वाकई में मुफ्त (Free) होती हैं? आइए गहराई से जानते हैं।

लाइफटाइम फ्री कार्ड्स का क्रेज

क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली कंपनियां ग्राहकों को लुभाने के लिए विभिन्न प्रकार के ऑफर्स प्रदान करती हैं। इनमें से लाइफटाइम फ्री क्रेडिट कार्ड (Lifetime Free Credit Cards) सबसे लोकप्रिय हैं, जहाँ ग्राहकों को कोई जॉइनिंग फीस (Joining Fee) या एनुअल फीस (Annual Fee) नहीं देनी पड़ती। यह सुविधा निस्संदेह ग्राहकों के लिए बेहद खास होती है।

फायदों की बरसात

क्रेडिट कार्ड कंपनियां समय-समय पर डिस्काउंट (Discounts), एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस (Airport Lounge Access), और रेलवे स्टेशन लाउंज एक्सेस (Railway Station Lounge Access) जैसी सुविधाएं मुफ्त में प्रदान करती हैं। इसके अलावा ग्राहकों को 45-50 दिनों तक का इंटरेस्ट फ्री पीरियड (Interest Free Period) भी मिलता है, जो कि एक बड़ी राहत है।

कंपनियों की कमाई का राज

अब सवाल उठता है कि जब सब कुछ मुफ्त में ही दे रही हैं तो कंपनियां अपनी कमाई कैसे करती हैं? मुख्य रूप से यूजर्स द्वारा देर से भुगतान करने पर लगाए गए ब्याज (Interest) और पेनल्टी (Penalty) से कंपनियां मोटी कमाई करती हैं। ईएमआई (EMI) पर शॉपिंग करने पर भी एक्स्ट्रा चार्जेज लगते हैं।

अन्य फीस और चार्जेज

कुछ क्रेडिट कार्ड पर एनुअल और रीन्युअल फीस (Renewal Fee) लगती है, हालांकि एक निश्चित लिमिट तक खर्च करने के बाद यह माफ भी की जा सकती है। इसके अलावा बैलेंस ट्रांसफर फीस (Balance Transfer Fee), लेट पेमेंट फीस (Late Payment Fee), कैश एडवांस फीस (Cash Advance Fee), फॉरेन ट्रांजेक्शन फीस (Foreign Transaction Fee) आदि से भी कमाई होती है।