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नई फसल आने के बाद भी लहसुन की कीमतों में नही आई गिरावट, जाने इसके पीछे की असली वजह

लहसुन की नई फसल बाजार में आई है। नई फसल बाजार में आने के बाद आमतौर पर भाव कम हो जाते हैं। लेकिन लहसुन कीमत इस बार कम नहीं हो रही है
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garlic new crop has arrived but (1)

लहसुन की नई फसल बाजार में आई है। नई फसल बाजार में आने के बाद आमतौर पर भाव कम हो जाते हैं। लेकिन लहसुन कीमत इस बार कम नहीं हो रही है। बड़ा और रंग में थोड़ा साफ लहसुन मंडी में 480 रुपये प्रति किलो मिलता है। मगर इस समय औसत साइज का लहसुन भी 100 रुपये प्रति पाव भी बिक रहा है। क्या आप जानते हैं कि इसकी कीमत क्यों नहीं घट रही है? अगर आप नहीं जानते तो हम आपको बताएँगे।

कम बुवाई, महंगा होने की मुख्य वजह

जैसा कि आपने देखा होगा, जाड़े में हर साल लहसुन महंगा हो जाता है। जाड़े में लहसुन की मांग बढ़ जाती है। इस साल ही नहीं, लेकिन पिछले साल का जाड़ा याद कीजिए। उस समय पूस-माघ के चिल्ला जाड़ा में भी लहसुन 20 से 30 रुपये प्रति किलो बिका था। और उसका मूल्य किसानों को पांच से आठ रुपये प्रति किलो था।

इसलिए इस बार लहसुन की फसल कम हुई है। उसकी जगह किसानों ने कुछ और फसल बोई है। लहसुन की फसल चाहे कम हो या अधिक हो, मगर मांग तो वही रहेगी। इसलिए इसकी कीमत बढ़ी है।

बारिश से फसल खराब हुई

गाजियाबाद में सहिबाबाद सब्जी मंडी के कारोबारी ओंकार मिश्रा बताते हैं कि इस बार पिछले साल की तुलना में लहसुन की पैदावार कम है। इसलिए मंडी में बहुत कम नई फसल की आवक हुई है। पुरानी फसल चुक गई है। इसलिए इसकी कीमत में काफी उछाल देखने को मिल रहा है। अब कई राज्यों में बारिश हुई है। इसलिए फसल तैयार नहीं हो रही है।