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भारत में जल्द ही टोल प्लाजा समेत Fastag सुविधाएं होगी बंद, इस खास तकनीक से कटेगा टोल टैक्स

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इस साल मार्च से सैटेलाइट बेस्ड ट्रोलिंग सिस्टम शुरू करेगा
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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इस साल मार्च से सैटेलाइट बेस्ड ट्रोलिंग सिस्टम शुरू करेगा। दिसंबर 2023 में, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि भारत में जल्द ही सेटेलाइट-बेस्ड टोलिंग सिस्टम की शुरुआत की जाएगी। मार्च 2024 से ये नया सिस्टम लागू हो जाएगा।

नया टोलिंग सिस्टम GPS नेवीगेशन सिस्टम पर शुरू होगा

इस सिस्टम के शुरू होते ही वर्तमान फास्टैग सर्विस खत्म हो जाएगा। नया टोलिंग सिस्टम जीपीएस नेविगेशन सिस्टम पर काम करेगा, जिससे लोगों को टोलिंग पेमेंट करने में आसानी होगी। सरकार और जनता दोनों को ही इससे फायदा मिलेगा। आजकल, लोग भारत में यात्रा करते समय अक्सर फास्टैग से टोल देते हैं। फास्टैग से पहले, टोल बूथों पर Cash Payment किया जाता था।

फास्ट टैग से टोल भुगतान में बदलाव

टोल पे एक लंबी लाइन लग जाती थी। जिससे लोगों को बहुत परेशानी होती थी। इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने फास्ट टैग लागू किया था। फास्ट टैग की शुरुआत से टोल भुगतान में एक नई क्रांति हुई। लोगों को कम समस्या उठानी पड़ती थी और साथ ही उनका समय भी बच जाता था। सरकार अब इसे और भी आसान बनाने के की तैयारी में है। देश में सड़कों का निर्माण होने के साथ-साथ टोल बूथ भी बढ़ रहे हैं।

वाहन की निगरानी GPS से होगी

ऐसे में सरकार बूथों को समाप्त करने के लिए GPS-आधारित टोलिंग सिस्टम को बढ़ावा देने के फास्टैग सिस्मट को बदलने वाली है। टोल बूथ बनाने से इन्फ्रास्ट्रक्चर की लागत बढ़ती है। इससे टोल Collection की लागत भी बढ़ती है। सरकार इन्हीं समस्याओं को हल करने के लिए नया टोलिंग सिस्टम बनाने की तैयारी कर रही है।

इस सिस्टम में GPS की सहायता से ड्राइवर या व्हीकल ओनर के बैंक खाते से टोल का भुगतान सीधे किया जाएगा। GPS व्हीकल को देखेगा। टोल की रकम समय और Fix मार्जिन पर निर्धारित होगी।