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इन गांवों में ब्याह शादियों में अंग्रेजी शराब और बीयर पर लगाया प्रतिबंध, नशा करके गाली गलौज किया तो लगेगा जुर्माना

जौनसार बावर के कालसी (Jaunsar Bawar, Kalsi) में नशे के विरोध में महापंचायत (Anti-Drug Mahapanchayat) के बाद अब ग्राम स्तर पर नशे के खिलाफ पंचायतों की मुहिम ने गति पकड़ ली है।
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Uttarakhand News

जौनसार बावर के कालसी (Jaunsar Bawar, Kalsi) में नशे के विरोध में महापंचायत (Anti-Drug Mahapanchayat) के बाद अब ग्राम स्तर पर नशे के खिलाफ पंचायतों की मुहिम ने गति पकड़ ली है। इस कदम का उद्देश्य समाज से नशे की बुराई (Drug Abuse) को जड़ से मिटाना है।

ग्राम पंचायत बुरास्वा में कड़े निर्णय

ग्राम पंचायत बुरास्वा (Gram Panchayat Buraswa) के अंतर्गत बंगोती, बन्दराह, और टिमरा के ग्रामवासियों ने खुली बैठक (Open Meeting) में नशे के खिलाफ कई कड़े नियम तय किए। इस पंचायत में ग्राम स्याणा अतर सिंह चौहान और ग्राम प्रधान सुशीला रावत (Gram Pradhan Sushila Rawat) की अध्यक्षता में सर्वसम्मति से नशे के खिलाफ निर्णायक कदम उठाए गए।

नशे के खिलाफ सख्त प्रतिबंध

गांव में सूखा नशा जैसे भांग, चरस, स्मैक (Dry Drugs like Cannabis, Charas, Smack) आदि के सेवन और खरीद-फरोख्त पर पूर्णतः पाबंदी लगाई गई। कच्ची शराब (Raw Liquor) का बेचना और खरीदना भी पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है। शादी-दावतों में अंग्रेजी शराब और बीयर (English Liquor and Beer) के सेवन पर भी पूर्ण रोक लगाई गई है।

ग्रामीणों के लिए कड़ाई से नियमों का पालन

इन नियमों के उल्लंघन पर ग्रामीणों को सामाजिक दंड (Social Penalty) का सामना करना पड़ेगा। शराब बेचने वाले और नशीले पदार्थ बेचने वाले पर 51 हजार रुपये और खरीदने वाले पर 21 हजार रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है। नियम का उल्लंघन करने वाले की सूचना देने वाले को 1,100 रुपये का इनाम भी दिया जाएगा। गांव में नशा करके गाली गलौच करने वाले पर 11 हजार रुपए का जुर्माना देना होगा।

सामाजिक जिम्मेदारी और एकता की मिसाल

यह पंचायत न केवल नशे के खिलाफ एक कदम है बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी (Social Responsibility) और ग्रामीण एकता (Rural Unity) की भी मिसाल पेश करती है। ग्रामीणों की इस पहल को नारायण सिंह, नरेंद्र सिंह, रमेश, सुल्तान, गेंदा दास जैसे कई सम्मानित सदस्यों का समर्थन प्राप्त है।