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Electercity Fraud: यूपी के इस जिले के 80 हजार बिजली उपभोक्ताओं पर बिजली विभाग करेगा बड़ी कार्रवाई, इस गड़बड़ी के चलते विभाग की नजर में आया मामला

Electercity Fraud:बिजली विभाग में हाल ही में एक चौंकाने वाली समस्या सामने आई है। शहर के सात डिवीजन (Division) में जब बिजली उपभोक्ताओं
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Electricity department

Electercity Fraud: बिजली विभाग में हाल ही में एक चौंकाने वाली समस्या सामने आई है। शहर के सात डिवीजन (Division) में जब बिजली उपभोक्ताओं (Consumers) के बिलों की जांच की गई तो पता चला कि लगभग 80 हजार उपभोक्ताओं का बिजली का बिल महज 15, 20, 30 से 60 यूनिट तक ही बन रहा है। यह देखते हुए कि इनका कनेक्शन (Connection) दो किलोवाट का है, यह आंकड़े संदेह के घेरे में हैं।

बिजली चोरी का अंदेशा

विशेष रूप से यह देखा गया कि सर्दी और गर्मी दोनों मौसमों में इन यूनिट्स (Units) का हिसाब एक जैसा है। इससे बिजली विभाग को आशंका है कि इन मीटरों (Meters) में छेड़छाड़ की जा रही है और बिजली चोरी (Electricity Theft) की गई है। सभी संदिग्ध उपभोक्ताओं को चिह्नित कर लिया गया है और अब एक विशेष अभियान के तहत मीटरों की डिटेल में जांच की जाएगी।

शहरी क्षेत्र में बिजली उपभोक्ता

शहरी क्षेत्र में कुल 3,03,464 बिजली उपभोक्ता हैं। मुख्य अभियंता प्रमोद कुमार सिंह (Chief Engineer Pramod Kumar Singh) ने हाल ही में उपभोक्ताओं के बिजली बिलों की स्क्रीनिंग (Screening) करने का आदेश दिया था। जब इसकी रिपोर्ट सामने आई तो

खुलासा हुआ कि 11 हजार उपभोक्ता प्रति माह 30 यूनिट से भी कम बिजली का उपयोग कर रहे हैं, जबकि 15,415 उपभोक्ता 35 यूनिट से कम और 29,572 उपभोक्ता प्रतिमाह 60 यूनिट से कम की बिजली का उपयोग कर रहे हैं।

जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया

मुख्य अभियंता का कहना है कि ऐसे उपभोक्ताओं को चिह्नित करने के बाद विशेष टीमें (Teams) गठित की गई हैं। जांच के दौरान अगर मीटरों में किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है और बिजली चोरी के मामले सामने आते हैं. तो उपभोक्ता के

खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा (Legal Action) दर्ज किया जाएगा और राजस्व निर्धारण (Revenue Determination) किया जाएगा। मीटर रीडरों (Meter Readers) से भी पूछताछ होगी और उनकी छेड़खानी पाई जाने पर कार्रवाई की जाएगी।