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अगर बिल्ली या बंदर काट ले तो हो सकता है रैबिज? जान लो किन जानवरो के काटने पर इलाज करवाना है बेहद जरुरी

आमतौर पर लोग यह सोचते हैं कि केवल कुत्ते के काटने पर ही रेबीज (Rabies) का खतरा होता है, लेकिन यह धारणा गलत है।
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take prevention and precaution from rabies

आमतौर पर लोग यह सोचते हैं कि केवल कुत्ते के काटने पर ही रेबीज (Rabies) का खतरा होता है, लेकिन यह धारणा गलत है। बिल्ली, बंदर और अन्य जानवरों के काटने पर भी रेबीज का गंभीर खतरा होता है। इस लेख में हम जानेंगे कि रेबीज के खतरे से कैसे बचा जा सकता है और इसके लिए उपचार क्या हैं।

रेबीज है एक जानलेवा बीमारी

भोपाल के एक पशु चिकित्सालय के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. अजय रामटेके ने बताया कि रेबीज एक बेहद खतरनाक बीमारी है, जिसका इलाज संभव नहीं है (No Cure)। इस बीमारी का प्रभावी तरीके से इलाज केवल प्रिवेंटिव वैक्सीनेशन (Preventive Vaccination) से ही संभव है। यह वायरस सभी जानवरों में पाया जा सकता है और इससे पीड़ित जानवर द्वारा काटे जाने पर इंसानों में भी फैल सकता है।

जानवरों के काटने के बाद की सावधानियाँ

किसी भी जानवर के काटने पर लापरवाही न बरतें। जानवरों के काटने पर तुरंत उपचार की आवश्यकता होती है। काटे गए स्थान को अच्छे से धोना चाहिए और तुरंत मेडिकल हेल्प लेनी चाहिए। यह ध्यान रखें कि रेबीज के वायरस लार के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं और यह जीवन के लिए घातक साबित हो सकता है।

रेबीज वैक्सीनेशन है एक जरूरी कदम

अगर आप किसी जानवर के काटने का शिकार हो जाते हैं, तो रेबीज वैक्सीन (Anti-Rabies Vaccine) लगवाना अत्यंत जरूरी है। रेबीज की प्रिवेंशन के लिए वैक्सीन का पहला डोज तुरंत (Zero Day), दूसरा डोज सातवें दिन और तीसरा 21वें दिन पर लिया जाना चाहिए। इसके बाद सालाना एक इंजेक्शन लेना चाहिए। यह वैक्सीन रेबीज से बचाव में मदद करती है।

समय पर उपचार है जीवनदायी

रेबीज का कोई इलाज नहीं होने के कारण, समय पर उपचार और वैक्सीनेशन जीवन बचा सकता है। अगर आप या आपके आस-पास कोई भी जानवर के काटने का शिकार होता है, तो तुरंत उपचार के लिए जाएँ। रेबीज एक गंभीर बीमारी है जिसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।