home page

शादी के बाद मर्दों की इस बड़ी समस्या को दूर करने में मदद करेंगे बैल, रिसर्च में हुआ चौंका देने वाला खुलासा

आधुनिक समय में पुरुषों में बढ़ती नपुंसकता की समस्या ने वैज्ञानिकों को गहन शोध (In-depth Research) की ओर अग्रसर किया है।
 | 
मर्दों की इस बड़ी समस्या को दूर करेंगे बैल, स्टडी में मिले चौंकाने वाले नतीजे, पिता बनना होगा आसान!

आधुनिक समय में पुरुषों में बढ़ती नपुंसकता की समस्या ने वैज्ञानिकों को गहन शोध (In-depth Research) की ओर अग्रसर किया है। इस दिशा में ईटीएच ज्यूरिख के प्रोफेसर ह्यूबर्ट पॉच (Professor Hubert Pausch) ने सांड (Bulls) पर आधारित एक अनोखी रिसर्च की, जिसके परिणाम न केवल मानव प्रजनन शक्ति (Human Fertility) पर प्रकाश डालते हैं बल्कि मवेशी पालन (Cattle Farming) और डेयरी उद्योग (Dairy Industry) में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

वैज्ञानिकों की चुनौतियां और सांड के जीन

विश्व स्तर पर नपुंसकता से जूझ रहे कपल्स की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, जिसमें आधे मामले पुरुषों से संबंधित हैं। नपुंसकता के पीछे के अनुवांशिक कारणों (Genetic Reasons) की पहचान एक जटिल प्रक्रिया है। प्रोफेसर पॉच की टीम ने 118 सांडों के टेस्टिकल और अन्य प्रजनन अंगों से लिए गए ऊतकों का विश्लेषण किया। इस अध्ययन से उन्होंने उन जीनों और उनके वेरिएंट्स की पहचान की, जो सांड की प्रजनन शक्ति से संबंधित थे।

मानव प्रजनन शक्ति पर अध्ययन का प्रभाव

इस शोध में पता चला कि कई जीन और उनके वेरिएंट्स जो सांडों में प्रजनन शक्ति से संबंधित होते हैं, वे इंसानों में पुरुष प्रजनन क्षमता (Male Reproductive Capability) से भी जुड़े होते हैं। इस अध्ययन से जुड़ी मुख्य लेखिका जीना मेपल (Gina Maples) का कहना है कि स्तनपायी जानवरों में प्रजनन संबंधित जीनों की कार्यप्रणाली मूलतः समान होती है।

पशुपालन और डेयरी उद्योग पर प्रभाव

जहां इंसानों में प्रजनन शक्ति संबंधी जेनेटिक मेकअप की पूरी जानकारी नहीं है, वहीं मवेशियों के जेनेटिक डेटा पर व्यापक शोध किया जा चुका है। इस अध्ययन से प्राप्त जानकारी का उपयोग पशुपालन (Livestock Management) में किया जा सकता है ताकि प्रजनन शक्ति में सुधार के लिए बेहतर रणनीतियां (Strategies) विकसित की जा सकें।