रक्षाबंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, राहूकाल में भूलकर भी मत बांधना राखी

By Uggersain Sharma

Published on:

Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन हिंदू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे हर साल सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है. इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके दीर्घायु और सुखद जीवन की कामना करती हैं, जबकि भाई अपनी बहनों को रक्षा का वचन और उपहार देते हैं. रक्षाबंधन सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि प्यार, विश्वास और परिवारिक रिश्तों की मिठास का प्रतीक है.

रक्षाबंधन 2025 की तारीख और विशेषता

इस वर्ष रक्षाबंधन का पर्व 9 अगस्त 2025, शनिवार को मनाया जाएगा. इस दिन खास बात यह है कि भद्रा का साया नहीं रहेगा, जो इस त्योहार को और भी शुभ और फलदायी बनाता है. यही नहीं, इस दिन कई शुभ योग और मुहूर्त भी बन रहे हैं जो इसे धार्मिक दृष्टिकोण से विशेष बना रहे हैं.

कब समाप्त होगी भद्रा?

पंचांग के अनुसार, भद्रा का प्रारंभ 8 अगस्त को दोपहर 2:12 बजे से होगा और यह 9 अगस्त की सुबह 1:52 बजे समाप्त हो जाएगी. चूंकि 9 अगस्त को सूर्योदय सुबह 5:47 बजे होगा, इसलिए रक्षाबंधन के दिन भद्रा का प्रभाव नहीं माना जाएगा और पूरे दिन राखी बांधना शुभ रहेगा, राहुकाल को छोड़कर.

राहुकाल का समय क्या रहेगा?

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, रक्षाबंधन 2025 पर राहुकाल सुबह 9:07 बजे से 10:47 बजे तक रहेगा. इस दौरान कोई भी शुभ कार्य जैसे राखी बांधना उचित नहीं होता. इसलिए राखी बांधने से पहले राहुकाल के समय को ध्यान में रखना बेहद आवश्यक है.

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

इस दिन का शुभ मुहूर्त सुबह 5:47 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक रहेगा. हालांकि इस अवधि के बीच 9:07 से 10:47 बजे तक राहुकाल है, जिसे छोड़कर आप भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं. यदि संभव हो तो अभिजीत मुहूर्त या अमृत काल में राखी बांधना और भी अधिक शुभ होगा.

इस बार बन रहे हैं विशेष योग

रक्षाबंधन 2025 पर चार प्रमुख शुभ योगों का संयोग बन रहा है, जो इस पर्व की महत्ता को कई गुना बढ़ा देते हैं:

  • सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 5:47 बजे से दोपहर 2:23 बजे तक
  • सौभाग्य योग: 9 अगस्त सुबह से 10 अगस्त तड़के 2:15 बजे तक
  • शोभन योग: 10 अगस्त को तड़के 2:15 बजे तक
  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:22 से 5:04 बजे तक
  • इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:17 से 12:53 बजे तक रहेगा, और अमृत काल पूरे दिन बना रहेगा.

चौघड़िया मुहूर्त भी जान लें

यदि आप चौघड़िया के अनुसार शुभ समय देख रहे हैं, तो रक्षाबंधन 2025 के चौघड़िया मुहूर्त इस प्रकार होंगे:

  • लाभ काल: सुबह 10:15 से दोपहर 12:00 बजे तक
  • अमृत काल: दोपहर 1:30 से 3:00 बजे तक
  • चर काल: शाम 4:30 से 6:00 बजे तक
  • इन समयों में भी राखी बांधना, उपहार देना और पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है.

रक्षाबंधन का सामाजिक और धार्मिक महत्व

रक्षाबंधन सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, पारिवारिक प्रेम और धार्मिक आस्था का भी प्रतीक है. इस दिन दान, व्रत, पूजा और पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व होता है. कुछ स्थानों पर ब्राह्मणों को रक्षा सूत्र बांधना और भोजन कराना भी परंपरा में शामिल है.

क्या करें और क्या न करें इस दिन?

  • राहुकाल में राखी न बांधें.
  • भाई को राखी बांधने से पहले पूजा करें, तिलक लगाएं और आरती उतारें.
  • इस दिन झूठ बोलने, अपशब्द कहने या किसी से झगड़ा करने से बचें.
  • शुभ मुहूर्त में ही दान-पुण्य और पूजा-पाठ करें.

Uggersain Sharma

Uggersain Sharma is a Hindi content writer from Sirsa (Haryana) with three years of experience. He specializes in local news, sports, and entertainment, adept at writing across a variety of topics, making his work versatile and engaging.