7 अगस्त को सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल ? इन राज्यों में तेल कीमतें जारी

By Uggersain Sharma

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Petrol Diesel Price: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की रोशनी से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब और जिंदगी दोनों को प्रभावित करती हैं. सुबह 6 बजे, देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ईंधन की ताज़ा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं.

इन रेट्स का असर हर उस व्यक्ति पर होता है जो रोज़मर्रा के कामों के लिए पेट्रोल-डीजल पर निर्भर है — चाहे वो ऑफिस जाने वाला हो, टैक्सी ड्राइवर हो या फिर सब्ज़ी बेचने वाला.

पारदर्शी प्रक्रिया से तय होते हैं रेट

सरकार और कंपनियों की यह प्रक्रिया पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है ताकि उपभोक्ताओं को किसी भी भ्रम से बचाया जा सके. जब हर दिन ईंधन की कीमतें अपडेट होती हैं, तो इसका मतलब है कि उपभोक्ताओं को सटीक जानकारी समय पर मिलती है, जिससे वे अपनी खर्च योजना बेहतर बना सकते हैं.

7 अगस्त 2025 को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के रेट

शहर पेट्रोल (₹/लीटर) डीजल (₹/लीटर)

शहरपेट्रोल (₹/लीटर)डीजल (₹/लीटर)
नई दिल्ली94.7287.62
मुंबई104.2192.15
कोलकाता103.9490.76
चेन्नई100.7592.34
अहमदाबाद94.4990.17
बेंगलुरु102.9289.02
हैदराबाद107.4695.70
जयपुर104.7290.21
लखनऊ94.6987.80
पुणे104.0490.57
चंडीगढ़94.3082.45
इंदौर106.4891.88
पटना105.5893.80
सूरत95.0089.00
नासिक95.5089.50

इस टेबल से साफ है कि हैदराबाद, पटना और इंदौर जैसे शहरों में पेट्रोल-डीजल के रेट सेंचुरी पार कर चुके हैं, जबकि चंडीगढ़ और लखनऊ जैसे शहरों में कुछ राहत देखी जा रही है.

दो साल से क्यों बनी हुई है कीमतों में स्थिरता?

मई 2022 में केंद्र सरकार और कुछ राज्यों ने पेट्रोल-डीजल पर टैक्स में कटौती की थी, जिससे कीमतों में तत्काल गिरावट आई. इसके बाद से अब तक दामों में खास बदलाव नहीं हुआ है.

हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारत में उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं. इससे आम लोगों को राहत मिली है, खासकर तब जब वैश्विक मंदी और महंगाई की आंशका बनी हुई थी.

किन कारणों से तय होती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें?

  1. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत

भारत में पेट्रोल और डीजल का निर्माण कच्चे तेल से होता है, जिसकी कीमतें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदलती रहती हैं. जब तेल महंगा होता है, तो इसका सीधा असर घरेलू खुदरा दरों पर पड़ता है.

  1. डॉलर-रुपया विनिमय दर

भारत अधिकतर कच्चा तेल डॉलर में खरीदता है. यदि रुपया कमजोर होता है तो कंपनियों को ज्यादा भुगतान करना पड़ता है, जिससे ईंधन महंगा हो जाता है.

  1. सरकारी टैक्स और ड्यूटी

पेट्रोल-डीजल के रेट में केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाया गया टैक्स सबसे बड़ा हिस्सा होता है. यही वजह है कि हर राज्य में अलग-अलग रेट देखने को मिलते हैं.

  1. रिफाइनिंग लागत

कच्चे तेल को उपयोगी ईंधन में बदलने की प्रक्रिया यानी रिफाइनिंग में भी खर्च होता है. ये खर्च कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की दक्षता पर निर्भर करता है.

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन

त्योहारी सीजन, गर्मी, सर्दी या ट्रैवल पीक के समय ईंधन की मांग बढ़ जाती है, जिससे कीमतों में भी बढ़त देखने को मिलती है.

मोबाइल से ऐसे करें अपने शहर का ईंधन रेट चेक

अगर आप हर दिन अपनी गाड़ी भरवाने से पहले रेट जानना चाहते हैं, तो SMS के जरिए भी आप ताज़ा रेट जान सकते हैं.

  • Indian Oil ग्राहक: “RSP <स्पेस> डीलर कोड” लिखकर 9224992249 पर भेजें
  • BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर भेजें 9223112222 पर
  • HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर भेजें 9222201122 पर
  • डीलर कोड आपके नजदीकी पेट्रोल पंप से प्राप्त किया जा सकता है या पेट्रोलियम कंपनी की वेबसाइट से.

उपभोक्ताओं के लिए क्या मायने रखते हैं ये रेट?

पेट्रोल-डीजल की कीमतें न केवल आपकी गाड़ी के खर्च को प्रभावित करती हैं, बल्कि इनसे जुड़ी होती हैं ट्रांसपोर्टेशन लागत, जिससे फल-सब्ज़ी, राशन, किराया और अन्य सेवाएं महंगी या सस्ती होती हैं.

इसलिए ये सिर्फ ईंधन नहीं बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. इसी वजह से हर दिन का भाव जानना हर नागरिक के लिए जरूरी होता है.

Uggersain Sharma

Uggersain Sharma is a Hindi content writer from Sirsa (Haryana) with three years of experience. He specializes in local news, sports, and entertainment, adept at writing across a variety of topics, making his work versatile and engaging.