भैंस की ये नस्ल अपने पशुपालकों की कर देती है मौज, डेली दूध देने की कपैसिटी देखकर तो आपको भी नही होगा भरोसा

By Vikash Beniwal

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भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन का महत्व हमेशा से रहा है। यहाँ के किसान खेती के साथ-साथ पशुपालन को भी अपनी आय का एक मुख्य स्रोत मानते हैं। विशेष रूप से, दूध और डेयरी उत्पादों की बढ़ती मांग ने पशुपालन व्यवसाय को और भी लाभकारी बना दिया है।

भदावरी नस्ल

भदावरी भैंस जो उत्तर प्रदेश के इटावा और आगरा जिलों तथा मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में पाई जाती है अपनी उच्च दूध देने की क्षमता के लिए प्रसिद्ध है। यह नस्ल प्रति स्तनपान में औसतन 800-1000 लीटर दूध देती है जिसमें वसा की मात्रा 6-12.5% होती है।

संतुलित आहार

पशुओं को स्वस्थ रखने और उनसे अधिकतम उत्पादन के लिए उनके आहार की मात्रा और गुणवत्ता का खास ख्याल रखना चाहिए। भदावरी भैंसों को दिया जाने वाला फलीदार चारा उनकी स्वास्थ्य और उत्पादकता में सुधार कर सकता है।

उचित शेड और वातावरण की आवश्यकता

पशुओं के लिए उचित शेड और पर्यावरणीय स्थितियां उनके स्वास्थ्य और उत्पादन क्षमता को बढ़ाती हैं। शेड में पर्याप्त वेंटिलेशन, स्वच्छ पानी और आरामदायक स्थान होने से पशु स्वस्थ रहते हैं और बेहतर प्रदर्शन करते हैं।

गाभिन पशुओं की विशेष देखभाल

गाभिन भैंसों की देखभाल में विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्हें अतिरिक्त पोषण और देखभाल की आवश्यकता होती है ताकि वे स्वस्थ रह सकें और उच्च गुणवत्ता का दूध दे सकें।

कट्टे की देखभाल और प्रबंधन

नवजात कट्टे की देखभाल में उसके नाक और मुंह के आसपास के चिपचिपे पदार्थ को साफ करना, नाभि की सही देखभाल और समय पर टीकाकरण शामिल हैं। ये सभी उपाय उसके स्वस्थ विकास के लिए जरूरी हैं।

Vikash Beniwal

मेरा नाम विकास बैनीवाल है और मैं हरियाणा के सिरसा जिले का रहने वाला हूँ. मैं पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया पर राइटर के तौर पर काम कर रहा हूं. मुझे लोकल खबरें और ट्रेंडिंग खबरों को लिखने का अच्छा अनुभव है. अपने अनुभव और ज्ञान के चलते मैं सभी बीट पर लेखन कार्य कर सकता हूँ.