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यूपी में मजदूरों के लिए किसी वरदान से कम नही है ये योजना, सरकार की तरफ़ से मिलती है एक लाख रुपए की आर्थिक मदद

उत्तर प्रदेश का फिरोजाबाद शहर जिसे 'कांच की नगरी' के रूप में जाना जाता है, अपने कांच उद्योग के लिए प्रसिद्ध है।
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उत्तर प्रदेश का फिरोजाबाद शहर जिसे 'कांच की नगरी' के रूप में जाना जाता है, अपने कांच उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। यहां स्थित सैकड़ों कारखाने न केवल देश भर में बल्कि विश्व स्तर पर भी कांच के उत्पादन के केंद्र के रूप में पहचाने जाते हैं।

इन कारखानों में हजारों मजदूर दिन-रात काम करते हैं, जिससे कांच उद्योग फल-फूल रहा है। हालांकि इस क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को कई बार दुर्घटनाओं और हादसों का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी जान को खतरा हो सकता है या वे गंभीर रूप से घायल हो सकते हैं।

श्रमिक सुरक्षा के उपाय

इस परिस्थिति के मद्देनजर श्रम विभाग द्वारा एक विशेष योजना का संचालन किया जा रहा है, जिसके तहत दुर्घटना या हादसे के दौरान घायल हुए या मृत्यु हो जाने वाले मजदूरों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना का लाभ उठाने के लिए मजदूरों का श्रम विभाग में पंजीकृत होना और उनके पास ई-श्रम कार्ड का होना अनिवार्य है।

ई-श्रम कार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका

फिरोजाबाद के जिला श्रमायुक्त अधिकारी यशवंत कुमार के अनुसार कोरोना काल में जिले में लगभग 10.83 लाख ई-श्रम कार्ड के लिए रजिस्ट्रेशन हुए। यह दर्शाता है कि श्रमिकों की सुरक्षा और उन्हें सहायता प्रदान करने की दिशा में किए गए प्रयासों की ओर एक सकारात्मक कदम है।

आर्थिक सहायता की प्रक्रिया

किसी भी हादसे या दुर्घटना में मजदूर की मृत्यु हो जाने पर उनके परिजनों को एक लाख रुपए तक की आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी। वहीं अगर मजदूर घायल होता है तो उसे भी इसी राशि की सहायता मिलेगी। इसके लिए आवश्यक कागजातों में घायल होने की

स्थिति की रिपोर्ट, आधार कार्ड, बैंक की पासबुक और मृत्यु हो जाने की स्थिति में मृत्यु प्रमाण-पत्र शामिल हैं। इन दस्तावेजों के वेरीफिकेशन के बाद ही सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इस प्रकार ई-श्रम कार्ड धारक मजदूरों के लिए यह योजना एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है, जिससे उन्हें विपरीत परिस्थितियों में आर्थिक सहायता प्राप्त हो सकती है।