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Solar Panel: घर की छत पर सौलर पैनल लगवाने पर सरकार दे रही है 60 परसेंट सब्सिडी, एक्स्ट्रा बिजली को बेचकर कर पाएंगे अच्छी कमाई

Solar Panel: मोदी सरकार (Modi Government) ने घरों की छतों पर सोलर पैनल (Solar Panel) लगवाने के इच्छुक नागरिकों के लिए गुड न्यूज दिया है।
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Rooftop Solar Installation

Solar Panel: मोदी सरकार (Modi Government) ने घरों की छतों पर सोलर पैनल (Solar Panel) लगवाने के इच्छुक नागरिकों के लिए गुड न्यूज दिया है। सरकार द्वारा रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन (Rooftop Solar Installation) पर दी जाने वाली सब्सिडी को

वर्तमान 40 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी करने की योजना है। केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह (RK Singh) ने इस बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिससे निश्चित रूप से रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन अधिक किफायती हो जाएगा और बिजली के बिल में कमी आएगी।

सब्सिडी वृद्धि का टारगेट

इस सब्सिडी वृद्धि (Subsidy Increase) का मुख्य उद्देश्य उन उपभोक्ताओं की मदद करना है जिनकी मासिक बिजली खपत 300 यूनिट से कम है। यह आमतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (Economically Weaker Sections) के लिए एक बड़ी राहत का काम करेगा। ऋण प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए भी यह सब्सिडी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

योजना का क्रियान्वयन

नई प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना (PM Suryodaya Scheme) के अंतर्गत यह सब्सिडी वृद्धि कार्यान्वित की जाएगी। इस योजना को प्रत्येक राज्य के लिए नामित केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (Central Public Sector Enterprises - CPSEs)

द्वारा स्थापित विशेष प्रयोजन वाहनों (Special Purpose Vehicles - SPVs) के माध्यम से लागू किया जाएगा। इस व्यवस्था से उत्पादित अतिरिक्त यूनिट का उपयोग ऋण चुकाने में किया जाएगा, जो स्थायी और आत्मनिर्भर समाधान प्रदान करेगा।

दीर्घकालिक लाभ

ऋण चुकाने के 10 साल बाद छत पर स्थापित सौर बुनियादी ढांचा (Solar Infrastructure) घर के मालिक को ट्रांसफर कर दिया जाएगा, जिससे उन्हें एक्स्ट्रा बिजली डिस्कॉम (DISCOM) को बेचने का अवसर मिलेगा। यह न केवल बिजली की लागत में कमी लाएगा बल्कि पर्यावरण के लिए भी लाभकारी साबित होगा।

मोदी सरकार की इस पहल से भारत में सोलर ऊर्जा (Solar Energy) को बढ़ावा मिलेगा। सब्सिडी में वृद्धि से अधिक से अधिक लोग सोलर इंस्टॉलेशन की ओर आकर्षित होंगे, जिससे ऊर्जा की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण दोनों को बढ़ावा मिलेगा। यह कदम आत्मनिर्भर भारत (Aatmanirbhar Bharat) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो नागरिकों को ऊर्जा स्वतंत्रता की ओर ले जाएगा।